Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

‘चांद और सूरज छोड़कर’…सबकुछ मुफ्त देने का वादा, चुनावी रेवड़ी के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

Irrational Freebies : चुनावों से पहले चुनावी रेवड़ियों का वादा करने वाली पार्टियों पर लगाम लगाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मार्च में सुनवाई करेगा। यह याचिका 2022 से सर्वोच्च अदालत में दाखिल है।

  • Written By: रंजन कुमार
Updated On: Feb 05, 2026 | 03:49 PM

सुप्रीम कोर्ट। इमेज-सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

Supreme Court On Election Freebies : चुनावों से पहले राजनीतिक पार्टियों द्वारा तर्कहीन चुनावी रेवड़ियों का वादा किए जाने के खिलाफ दायर की जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट मार्च में सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। इस याचिका में ऐसे वाले करने वाली पार्टियों का रजिस्ट्रेशन समाप्त करने या चुनाव चिन्ह जब्त करने की मांग की गई है। आज सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच में यह मामला उठाया गया। बेंच ने याचिका पर अगले महीने में सुनवाई शुरू करने के लिए सहमति दे दी।

आज मामले में याचिककर्चा और वकील अश्विनी उपाध्याय ने सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच को बताया कि उनकी जनहित याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को 2022 में नोटिस जारी किया गया था। अदालत से गुहार लगाई थी कि इस मामले को सुनवाई के लिए जल्द से जल्द लिस्ट किया जाए।

मार्च में करेंगे लिस्ट

अश्विनी कुमार ने कहा कि सूरज और चांद छोड़कर चुनावों के दौरान राजनीतिक दल हर वादा करते हैं। यह भ्रष्ट आचरण के समान है। इस पर देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। आप प्लीज हमें याद दिलाना और अंत में इसका ज़िक्र करना। मार्च में हम लिस्ट करेंगे।

सम्बंधित ख़बरें

SC में ममता का ‘शक्ति प्रदर्शन’, खुद की वकालत कर चुनाव आयोग को घेरा, BJP बोली- ‘फेक वोटर’ बचाने की नौटंकी

बिहार चुनाव होगा रद्द? PK की जनसुराज पहुंची सुप्रीम कोर्ट, नए सिरे से चुनाव कराने की मांग

ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कर्मचारियों को 11 साल का 25% बकाया DA देने का आदेश

ममता बनर्जी भड़का रहीं, सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग की गुहार, कहा- पुलिस FIR नहीं कर रही…हम क्या करें?

चुनावी प्रक्रिया को करता है नष्ट

सुप्रीम कोर्ट में 25 जनवरी 2022 को तत्कालीन सीजेआई एनवी रमना ने इस केस में केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस देकर जवाब मांगा था। उस दौरान भी बेंच ने इसे गंभीर मुद्दा बताया था। बेंच ने कहा था कि कई बार फ्रीबी बजट रेगुलर बजट से अधिक हो जाता है। याचिका में अदालत से गुहार लगाई गई है कि जनता के खजाने से तर्कहीन चुनावी रेवड़ियों का वादा करना न सिर्फ वोटरों को गलत तरह से प्रभावित करता है, बल्कि न चुनावी लड़ाई में एक तरह का मैदान रह जाता है। पूरी चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता भी नष्ट कर देता है।

यह भी पढ़ें : निशानेबाज: वोटिंग में विवेक का करें इस्तेमाल, घोषणापत्रों में वादों का जाल

कानून बनाने की भी मांग

इस याचिका में केंद्र सरकार को इसके खिलाफ कानून लाने की मांग की गई है। यह भी कहा गया है कि इस तरह की चुनावी रेवड़ियों के नाम पर राजनीतिक पार्टियों की तरफ से वोटरों को प्रभावित करना न सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों के वजूद के लिए खतरा है, बल्कि यह संविधान की भावना को भी आहत करता है। इसके मुताबिक यह अनैतिक परंपरा सत्ता में रहने को सरकारी खजाने के दम पर मतदाताओं को रिश्व देने के समान है। लोकतांत्रिक सिद्धांतों और प्रक्रियाओं को सुरक्षित रखने के लिए इसे रोकना जरूरी है।

The supreme court will hear the petition against the promise of freebies promising everything except the moon and the sun

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 05, 2026 | 03:48 PM

Topics:  

  • CJI Surya Kant
  • Supreme Court
  • Upcoming Elections

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.