मणिकम टेगौर अजित पवार को क्लीन चिट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: हाल ही में अजित पवार और सीएम चंद्रबाबू नायडू का नाम हाई-प्रोफाइल केस में आया था, जिसके बाद ईडी इस मामले की जांच कर रही थी और बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दिया। इस पर कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया और हाई-प्रोफाइल मामलों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को क्लीन चिट दिए जाने पर चिंता व्यक्त की।
मणिकम टैगोर ने कहा, “मैं सदन की कार्यवाही स्थगित करने के लिए एक प्रस्ताव लाने की अनुमति मांगने के अपने इरादे की सूचना देता हूं, ताकि तत्काल महत्व के एक निश्चित मामले पर चर्चा की जा सके।”
उन्होंने कहा, “माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं हाई-प्रोफाइल मामलों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को क्लीन चिट दिए जाने पर चिंता व्यक्त करने के लिए खड़ा हुआ हूं। 1000 करोड़ रुपये से जुड़ा आईटी बेनामी संपत्ति मामला और 371 करोड़ रुपये का कौशल विकास घोटाला हमारी जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है।” टैगोर ने आगे आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अजित पवार का नाम साफ़ कर दिया, जबकि ईडी ने चंद्रबाबू नायडू को क्लीन चिट दे दी।
#ParliamentWinterSession | Congress MP Manickam Tagore gives adjournment motion notice in Lok Sabha "The Modi Government cleared Ajit Pawar's name, while the ED gave a clean chit to Chandrababu Naidu…This House expresses concern over the clean chin given to Ajit Pawar and… pic.twitter.com/qYxIvzxo4r — ANI (@ANI) December 9, 2024
उन्होंने कहा, “हम यह जानना चाहते हैं कि इस्तेमाल किए गए मानदंड क्या थे और क्या उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था, क्योंकि सबूतों की कमी से जांच की ईमानदारी पर सवाल और गहरा हो जाता है।” मणिकम टैगोर ने कहा कि ईडी और सीबीआई की “विश्वसनीयता दांव पर है,” और सरकार से इन फैसलों के लिए डिटेल जानकारी देने का अनुरोध किया।
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उन्होंने कहा, “यह सदन अजित पवार और चंद्रबाबू नायडू को दी गई क्लीन चिट पर चिंता व्यक्त करता है और सरकार से डिटेल जानकारी की मांग करता है।” इससे पहले, आयकर (आई-टी) विभाग ने 2021 में अजित पवार और उनके परिवार से जब्त की गई 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को साफ़ कर दिया था।
आयकर विभाग ने इससे पहले 7 अक्टूबर, 2021 को अजित पवार और उनके परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों पर छापेमारी की थी। इस साल अक्टूबर में प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम चंद्रबाबू नायडू को कथित तौर पर 371 करोड़ रुपये के कौशल विकास निगम घोटाले के सिलसिले में क्लीन चिट दे दी थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)