ममता बनर्जी (Image- Social Media)
Mamata Banerjee Called Special Forces from Bengal: दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता से विशेष सुरक्षा बल दिल्ली बुलाने का फैसला किया है। डीएसपी रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 22 सदस्यीय टुकड़ी और बंगाल पुलिस का एक विशेष दस्ता विमान से दिल्ली पहुंच रहा है। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ममता बनर्जी को किस तरह की आशंका है, जिसके चलते बंग भवन की सुरक्षा को अचानक ‘बुलेटप्रूफ’ करने की जरूरत महसूस की गई।
खबरों के मुताबिक, मंगलवार शाम 4 बजे ममता बनर्जी की ओर से 181 साउथ एवेन्यू स्थित बंग भवन में हाई टी पार्टी का आयोजन किया गया है, जिसमें सभी तृणमूल कांग्रेस सांसदों को आमंत्रित किया गया है। इससे पहले दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री एसआईआर पीड़ितों के साथ बंग भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगी।
दरअसल, ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच चल रहा टकराव अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एसआईआर मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक के दौरान बीच में ही बाहर निकल गई थीं। उन्होंने आयोग के अधिकारियों पर अहंकारी रवैये का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके प्रतिनिधिमंडल का अपमान किया गया।
इसी बीच बंगाल से देर रात स्पेशल फोर्स के दिल्ली पहुंचने की तैयारी है। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी राजनीतिक माहौल काफी गरम रह सकता है। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी की सुरक्षा और दिल्ली में स्थित पश्चिम बंगाल सरकार की संपत्तियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया जा रहा है।
दिल्ली स्थित बंग भवन और पश्चिम बंगाल सरकार के अन्य गेस्ट हाउसों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस उद्देश्य से 20 से 25 जवानों की एक विशेष टीम दिल्ली भेजी जा रही है, जिसमें एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर, महिला पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ी शामिल है।
सोमवार को ममता बनर्जी ने विरोध स्वरूप काला शॉल ओढ़कर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी और एसआईआर से प्रभावित पश्चिम बंगाल के 12 परिवारों के सदस्यों के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य निर्वाचन आयुक्तों से मुलाकात की थी। हालांकि, बैठक के दौरान ही वह बाहर निकल गईं।
इसके बाद ममता बनर्जी द्वारा बैठक का बहिष्कार करने और चुनाव आयोग पर बीजेपी का पक्ष लेने का आरोप लगाने से सियासी माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में संभावित विरोध-प्रदर्शनों या किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मुख्यमंत्री अपनी सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं। यही वजह है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस पर निर्भर रहने के बजाय बंगाल से अपनी भरोसेमंद सुरक्षा व्यवस्था तैनात करने का फैसला किया।
चुनाव आयोग मुख्यालय से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने आयोग पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। ममता ने कहा, “इतने लोगों की मौत हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? चुनाव आयोग जिम्मेदार है।”
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोग के अधिकारियों ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया और कहा कि उन्हें न्याय की उम्मीद थी, लेकिन वह नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जमीनी स्तर पर इस लड़ाई को लड़ेंगी और जनता की ताकत के बल पर इसका मुकाबला करेंगी।