कोलकाता के गाेदाम में लगी आग का बुझाते दमकल कर्मी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Fire Accident News Updates: देश के दो बड़े महानगरों, मुंबई और कोलकाता से मंगलवार को आगजनी की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आईं। जहा मुंबई में एक रिहायशी चॉल में सिलेंडर फटने से कई लोग अस्पताल पहुँच गए, वहीं कोलकाता में नियमों की अनदेखी ने आठ मासूम जिंदगियों को मौत की नींद सुला दिया।
आर्थिक राजधानी मुंबई के मालाड स्थित मालवणी इलाके में मंगलवार की सुबह सामान्य दिनों की तरह शुरू हुई थी, लेकिन सुबह करीब 9:25 बजे अचानक हुए एक जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। भारत माता स्कूल के पास स्थित एक चॉल में गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई।
प्राथमिक जांच के अनुसार, यह हादसा गैस सिलेंडर में लीकेज (रिसाव) की वजह से हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। इस दुर्घटना में कुल 7 लोग झुलस गए हैं। स्थानीय प्रशासन और बीएमसी (BMC) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की स्थिति नाजुक बनी हुई है। मुंबई फायर ब्रिगेड और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के नाजिराबाद इलाके से बेहद दुखद खबर आई है। यहाँ एक सूखे खाद्य पदार्थ (Dry Food) के गोदाम में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। पुलिस का कहना है कि अभी भी कुछ लोग लापता हैं, जिनकी तलाश मलबे में की जा रही है।
पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा के महानिदेशक रणवीर कुमार ने मंगलवार सुबह घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। अधिकारी ने बताया कि गोदाम में सुरक्षा मानकों और फायर क्लीयरेंस (Fire Clearance) के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थीं।
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कोलकाता के इस गोदाम में आग सोमवार तड़के करीब 3 बजे लगी थी। यहा भारी मात्रा में सूखा खाना, पैकेट बंद स्नैक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलें रखी हुई थीं, जिससे आग तेजी से फैली। अग्निशमन विभाग के मुताबिक आग इतनी भीषण थी कि इसने दो पड़ोसी गोदामों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इलाका काफी संकरा होने के कारण दमकल की गाड़ियों को अंदर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।शुरुआती शक शॉर्ट सर्किट पर जताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है। इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और गैस उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इन मामलों में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।