

Mallikarjun Kharge On Telegram Ban: नीट परीक्षा और पेपर लीक के मामलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खड़गे ने टेलीग्राम को ब्लॉक करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक की समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय अस्थायी उपायों का सहारा ले रही है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में 90 पेपर लीक की कई घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। इस वजह से 9 करोड़ युवाओं का भविष्य अंधेरे में हैं, जो मौजूदा समय में सरकारी नौकरियों और अन्य उच्चस्तरीय परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इन घटनाओं की वजह मानवीय क्षति को भी रेखांकित किया है। उनके मुताबिक, इन घटनाओं की वजह से दर्जनों ने अपनी हंसती खेलती जिंदगी की बलि चढ़ा दी। साथ ही, उन पैरेंट्स को लेकर भी दुख जाहिर किया, जिन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भारी कर्ज लिया था, ताकि वो आगे चलकर नीट, एसएससी, यूजीसी-नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। अफसोस की बात है कि वो सिर्फ अपने बच्चों के ख्वाबों को चकनाचूर होते हुए देख रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में सीबीएसई रिजल्ट विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि स्थिति ऐसी हो चुकी है कि 17-18 साल के बच्चे भी अब विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसे धांधली से भरा हुआ सिस्टम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब स्थिति ऐसी हो चुकी है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) जैसी परीक्षा भी शक के घेरे में आ चुकी है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट एग्जामिनेशन प्रोसेस मामले में मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को ब्लॉक करने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार समस्या का मूल समाधान करने की जगह हताशापूर्ण फैसले ले रही है। जैसे,NEET प्रश्न पत्र के वाहन की सुरक्षा में भारतीय वायुसेना को तैनात करना, टेलीग्राम डिजिटल प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना और इस पेपर लीक के मामले में मुख्य आरोपी को सुरक्षा प्रदान करना। दुर्भाग्य की बात है कि सिर्फ छोटे मोहरों को भी इस मामले में दबोचा जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने धर्मेंद्र प्रधान को इन घटनाओं का जिम्मेदार ठहराते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को मिटाने में विफल साबित हुई है। इसी वजह से आज इस तरह की स्थिति पैदा हो चुकी है।
मल्लिकार्जुन खड़गे के मुताबिक, आज की तारीख में देश के युवा सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने इस बात जोर देते हुए कहा कि शासन से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षा में विफल साबित हुई है।