Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

‘राष्ट्रपिता’ नहीं हैं महात्मा गांधी…RTI से हुआ बड़ा खुलासा, आखिर सरकार ने क्यों नहीं दी ये उपाधि?

Mahatma Gandhi Birthday: भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांधीजी के अद्वितीय नेतृत्व और अहिंसक आंदोलन के कारण 'राष्ट्रपिता' उपाधि आज भी लोगों के दिलों में गहराई से समाई हुई है।

  • By अभिषेक सिंह
Updated On: Oct 02, 2025 | 07:13 PM

महात्मा गांधी (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Mahatma Gandhi: महात्मा गांधी को भारत सरकार द्वारा कभी भी औपचारिक रूप से “राष्ट्रपिता” की उपाधि नहीं दी गई। यह तथ्य कई आरटीआई उत्तरों से स्पष्ट हो चुका है, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्चे का प्रश्न भी शामिल है। संविधान का अनुच्छेद 18(1) शिक्षा या सैन्य से संबंधित उपाधियों को छोड़कर सभी उपाधियों पर प्रतिबंध लगाता है। इसलिए, सरकार उन्हें यह उपाधि नहीं दे सकती थी।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांधीजी के अद्वितीय नेतृत्व और अहिंसक आंदोलन के कारण ‘राष्ट्रपिता’ उपाधि आज भी लोगों के दिलों में गहराई से समाई हुई है। यह लोगों के मन में उनके प्रति गहरे सम्मान को दर्शाता है। लेकिन इसकी शुरुआत कहां से हुई और यह क्यों लोकप्रिय हुआ? चलिए जानते हैं।

किसने पहली बार कहा ‘राष्ट्रपिता’?

‘राष्ट्रपिता’ शब्द की उत्पत्ति स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुई थी। इसका प्रयोग गांधीजी के नेतृत्व के प्रति सम्मान और प्रशंसा प्रकट करने के लिए किया जाता था। इस शब्द का पहला रिकॉर्डेड प्रयोग सुभाष चंद्र बोस द्वारा किया गया था। उन्होंने 6 जुलाई, 1944 को सिंगापुर से एक रेडियो प्रसारण किया।

नेहरू-नायडू ने भी कहा ‘राष्ट्रपिता’

इसमें उन्होंने गांधीजी को (Father of our Nation) “हमारे राष्ट्रपिता” कहा। बाद में सरोजिनी नायडू ने भी 28 अप्रैल, 1947 को सार्वजनिक रूप से इस वाक्यांश का प्रयोग किया। ये प्रारंभिक प्रयोग औपचारिक मान्यता नहीं, बल्कि सार्वजनिक श्रद्धा की अभिव्यक्ति थे।

‘दि फादर ऑफ दि नेशन इज नो मोर’

यह शब्द भारतीय जनमानस की चेतना में तब और भी गहराई से समा गया जब 30 जनवरी, 1948 को गांधीजी की हत्या कर दी गई। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की, ‘The Father of the Nation is no more’ “राष्ट्रपिता अब नहीं रहे।”

गांधीजी का पर्याय बन गई ये उपाधि

नेहरू के शब्दों ने इस वाक्यांश को भावनात्मक महत्व दिया और इसे राजनीतिक विमर्श, पाठ्यपुस्तकों और मीडिया में स्थायी रूप से स्थापित कर दिया। समय के साथ यह वाक्यांश भारत में गांधीजी का पर्याय बन गया है। यह उनकी कानूनी स्थिति को नहीं दर्शाता। बल्कि, यह जन-आदर और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें: साउथ अफ्रीका से वापसी के बाद गांधी ने क्यों सीखी हिंदी, जानें भाषा कैसे बनी 20वीं सदी का हथियार

इस उपाधि को आधिकारिक मान्यता प्राप्त नहीं है। फिर भी, यह आज भी लोगों के दिलों में गूंजती है। यह स्वतंत्रता संग्राम में गांधीजी के अद्वितीय नेतृत्व के कारण है। उन्होंने अहिंसक सविनय अवज्ञा (सत्याग्रह) की शुरुआत की। उन्होंने देश भर के लोगों को एकजुट किया। वे राष्ट्रीय आंदोलन का नैतिक और राजनीतिक चेहरा बन गए।

इतिहासकार ने भी किया समर्थन

इतिहासकार विनय लाल कहते हैं कि यह उपाधि भारत की सामूहिक स्मृति में “लगभग पवित्र” हो गई है। यह गांधीजी के नैतिक अधिकार और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी केंद्रीय भूमिका का प्रतीक है।

Mahatma gandhi not officially father of nation rti reveals

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 02, 2025 | 07:13 PM

Topics:  

  • Birth Anniversary
  • Indian History
  • Mahatma Gandhi

सम्बंधित ख़बरें

1

जयंती विशेष: कौन थे हरचंद सिंह लोंगोवाल? राजीव गांधी के साथ किया ऐसा समझौता…जो बन गया मौत की वजह

2

आजादी आंदोलन में लिया हिस्सा…पाकिस्तान को मारी ठोकर, हर भारतीय को पढ़नी चाहिए त्रिपुरा की ये कहानी

3

20 साल चलाया UP…लेकिन 32 साल से चल रहा शून्यकाल, उत्तर प्रदेश की सत्ता से कैसे बाहर हुए ब्राह्मण?

4

अटल बिहारी ने क्यों नहीं की शादी? प्यार का इजहार रह गया अधूरा…पढ़ें पूर्व PM की अनकही दास्तान

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.