

Former CBI Chief M Nageswara Rao Launch New Political Party: देश के प्रमुख जांच संगठन सीबीआई (CBI) के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव ने अब सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी की पवित्र धरती से उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है। नागेश्वर राव को 'सर्वजन सनातन पार्टी' का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। इस मौके पर उन्होंने पार्टी की विचारधारा और प्राथमिकताओं का खाका देश के सामने रखा।
ऐसा माना जा रहा है कि राजनीति में बदलाव को लेकर वे अपनी पहल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से शुरू करना चाह रहे हैं। तभी उन्होंने अपनी सर्वजन सनातन पार्टी के गठन और चुनावी मैदान में उतरने के लिए वाराणसी को चुना है। वो खुद भी चुनावी मैदान में ताल ठोंकने जा रहे हैं।
वाराणसी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान सर्वजन सनातन पार्टी के कई पदाधिकारी और प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष ऋतु राठौड़, महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी, प्रवक्ता बबीता शर्मा, उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश तिवारी और संगठन मंत्री नरनारायण सिंह मंच पर उपस्थित रहे।
एम. नागेश्वर राव के पास सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सेवाओं में काम करने का लगभग चार दशकों का लंबा अनुभव है। अपनी इस नई भूमिका का ऐलान करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का नवनिर्माण केवल प्रशासनिक सुधारों या कागजी बदलावों से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज देश को तेजी से आधुनिक विकास की राह पर आगे बढ़ने की सख्त जरूरत है। लेकिन इस विकास की शर्त यह होनी चाहिए कि हम अपनी प्राचीन भारतीय सभ्यता की जड़ों और सांस्कृतिक धरोहर से मजबूती से जुड़े रहें।
पूर्व सीबीआई चीफ ने बताया कि उनकी पार्टी सर्वजन सनातन पार्टी का पूरा विचार चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है। इनमें पहला स्तंभ शिक्षा है, जिसके तहत भारतीय सभ्यता, इतिहास और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक स्तर की आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। दूसरा स्तंभ स्वास्थ्य है, जिसमें एलोपैथी जैसी आधुनिक चिकित्सा के साथ पारंपरिक भारतीय स्वास्थ्य प्रणालियों का तालमेल बिठाकर सभी के लिए सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
पार्टी का तीसरा स्तंभ आजीविका है, जिसका मकसद युवाओं, किसानों, कारीगरों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को सम्मानजनक रोजगार के मौके देना है। वहीं चौथा स्तंभ सभ्यतागत जुड़ाव है, जिसमें भारत की भाषाओं, कलाओं, प्राचीन मंदिरों, तीर्थ स्थलों, त्योहारों और पारिवारिक मूल्यों को राष्ट्र की असली ताकत माना गया है।
नागेश्वर राव ने साफ किया कि उनकी पार्टी का मकसद देश को अतीत या पुरानी व्यवस्था में पीछे ले जाना बिल्कुल नहीं है। वह भारत को आधुनिक तकनीक और मजबूत अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में सबसे आगे देखना चाहते हैं, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान को गंवाए बिना। उन्होंने कहा कि सनातन को महज चुनावों में वोट पाने वाला कोई प्रतीक या निशान नहीं समझा जाना चाहिए। सनातन के नैतिक मूल्य हमारी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, शासन और सामाजिक ताने-बाने में नजर आने चाहिए। उन्होंने मंदिरों और तीर्थों को सिर्फ पूजा स्थल न मानकर सभ्यता की जीवित संस्थाओं के रूप में बचाने पर बल दिया।
राजनीतिक मंच से संदेश देते हुए नागेश्वर राव ने कहा कि सनातन की मूल भावना समावेशी है और यह दुनिया में किसी के भी खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का मकसद किसी खास जाति, धर्म या समुदाय का विरोध करना बिल्कुल नहीं है। पार्टी समाज को बांटने वाली राजनीति के खिलाफ काम करेगी और बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के जनकल्याण के लिए समर्पित रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य, धर्म, कर्तव्य, करुणा और न्याय के सिद्धांतों पर चलकर ही देश को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है।