

LPG cylinder price hike: केंद्र सरकार ने शनिवार को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (LPG)के किमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। लेकिन LPG के बढ़ते हुए कीमतों को लेकर विपक्ष सरकार से सवाल उठा रहा है। तो वहीं विपक्ष के द्वारा एलपीजी के बढ़े हुए किमतों ने उठ रहें सवालों पर भाजपा नेता जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सफाई दिया है। उन्होंने कहा कि, "वैश्विक चुनौतियों के कारण ऐसा संकट पैदा हुआ है।
अगर हम विश्व स्तर पर देखें तो पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 30 से 130 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। एलपीजी और सीएनजी की कीमतें 30 से 300 तक बढ़ गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक संकट के कारण सभी देश किसी न किसी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। निश्चित रूप से, भारत भी प्रभावित हुआ है और पूरी आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है।"
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, " वर्तमान में दुनिया बड़े संकटों और चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। इस युद्ध का प्रभाव पूरी विश्व के कई देशों पर पड़ा है और कोई भी इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। भारत भी इससे काफी प्रभावित हुआ है और आगे भी होता रहेगा। हालांकि, मेरा मानना है कि यह (एलपीजी दाम की बढोत्तरी) एक अस्थायी समस्या है और इसे स्थायी मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए।"
छत्तीसगढ़ के रायपुर में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने एलपीजी के बढ़ते हुए कीमतों पर सफाई देते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। विश्व गंभीर संकट का सामना कर रहा है, कई देशों में भीषण संघर्ष और युद्ध चल रहे हैं। इन संघर्षों से प्रभावित कई विकसित देशों में वाहनों की आवाजाही भी ठप हो जाने के कारण देश में डीजल व पेट्रोल की कमी हो गई है। तुलनात्मक रूप से मैं कह सकती हूं कि भारत अपेक्षाकृत स्थिर है और हर क्षेत्र में मजबूती से खड़ा है।"
वहीं, बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा, "हम समझते हैं कि घरेलू एलपीजी की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी वृद्धि वैश्विक कारकों और अंतरराष्ट्रीय रुझानों से जुड़ी है। यदि कीमतें बढ़ी हैं, तो हमें पूर्ण विश्वास है कि स्थिति को संतुलित करने के प्रयास किए जाएंगे। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निश्चित रूप से समाधान खोजने की दिशा में काम करेंगे।"
पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "जब हम भारत की तुलना दुनिया के अन्य देशों से करते हैं, तो हमारे नागरिक भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। आज दुनिया के कई हिस्सों में लोग और भी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। वैश्विक स्थिति काफी असामान्य हो गई है और विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।"