

कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के रेप तथा मर्डर के विरोध में अनशन लगातार जारी है और जूनियर अपनी मांगो को लेकर अड़े हुए है। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अनशन खत्म करने की अपील की है। ममता ने कहा कि डॉक्टरों की अधिकतर मांगें पूरी कर दी गई हैं, लेकिन स्वास्थ्य सचिव को हटाने की मांग को अस्वीकार कर दिया।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा- हर किसी को विरोध का अधिकार है, लेकिन इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। किसी विभाग में हर किसी को एक साथ हटाना संभव नहीं है। हमने पहले ही DHS और DME को हटा दिया है, इसलिए राजनीति से ऊपर उठकर काम पर लौटें।'
बता दें, कि ट्रेनी डॉक्टर के लिए न्याय और मेडिकल सुविधाओं में सुधार की मांग करते हुए जूनियर डॉक्टर पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इस अनशन के दौरान अब तक छह डॉक्टरों को खराब स्वास्थ्य के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि आठ अन्य अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। डॉक्टरों की मांग है, कि राज्य सरकार 21 अक्टूबर तक समस्या को सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाए।
सोमवार को डॉक्टरों से मिलेंगी ममता बनर्जी
राज्य के मुख्या सचिव मनोज पंत ने शनिवार शाम को डॉक्टरों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सोमवार को स्टेट सेक्रेटेरिएट में 45 मिनट की बैठक में आने का आमंत्रण दिया है। हालांकि उन्होंने इसके लिए डॉक्टरों से अनशन खत्म करने की अपील की। जवाब में डॉक्टरों ने अपनी सभी मांगें पूरी होने तक अनशन खत्म करने से साफ मना कर दिया, लेकिन बैठक में शामिल होने के लिए सहमति जताई है।
सीएम ममता बोलीं- क्या ये सही है, कि डॉक्टर तय करें किसे हटाना चाहिए?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी डॉक्टरों से अनशन खत्म करने और सोमवार को उनसे मिलने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, 'मैंने पुलिस कमिश्नर (CP), चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME), और स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक (DHS) को हटा दिया है, लेकिन मैं पूरे विभाग को नहीं हटा सकती।'
उन्होंने सवाल किया, 'क्या यह तर्कसंगत है, कि आप तय करें कि किस अधिकारी को हटाना चाहिए? कुछ मांगों के लिए नीति बनाने की जरूरत है और इसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी, लेकिन हमें यह मंजूर नहीं है कि डॉक्टर सरकार को आदेश दें कि क्या करना है।'