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नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर किरेन रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा पत्र; जानें क्या कहा

Kiren Rijiju: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर किरेन रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है। साथ ही यह भी बताया गया है कि इस मुद्दे पर विपक्ष से लगातार संवाद जारी है।

  • Written By: सजल रघुवंशी
Updated On: Apr 12, 2026 | 09:15 PM

किरन रिजिजू (सोर्स- सोशल मीडिया)

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Kiren Rijiju Letter To Mallikarjun Kharge: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिरिजू ने रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर इस पत्र को शेयर भी किया। किरेन रिरिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि देश की महिलाओं से किए गए वादे टालमटोल की राजनीति का हिस्सा नहीं बन सकते। आज जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने का समय आया है तो हिचकिचाहट और सवाल उठाए जा रहे हैं। मैं पूरी विनम्रता के साथ इस बात से असहमत हूं।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने खड़गे को पत्र लिखा है, जिसमें मैंने तथ्यों को सामने रखा है और आगे बढ़ने की तत्काल आवश्यकता को दोहराया है। दशकों तक, महिलाओं के लिए आरक्षण सिर्फ एक वादा बनकर रह गया था। इस सरकार ने इसे हकीकत में बदला। अब, परिसीमन से जुड़े जरूरी संशोधन इसलिए बेहद अहम हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारी नारी शक्ति को 2029 से पहले उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल जाए, न कि उन्हें और ज्यादा अनिश्चितता में धकेला जाए।

अलग-अलग पार्टि के नेताओं से किया संपर्क

किरेन रिरिजू ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से संपर्क किया है, उन्हें पत्र लिखे हैं और उनसे बातचीत की है। बातचीत हुई है और यह अभी भी जारी है लेकिन किसी न किसी मोड़ पर इरादों को अमल में बदलना ही होगा। प्रक्रिया के नाम पर इसे लागू करने में देरी करना, लाखों महिलाओं को न्याय देने में देरी करने के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यह राजनीति नहीं है, बल्कि भारत की बेटियों से किए गए हमारे वादे को निभाना है। आइए, हम हिचकिचाहट से ऊपर उठें और नारी शक्ति के लिए मिलकर आगे बढ़ें।

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किरेन रिजिजू ने पत्र में क्या लिखा?

किरेन रिजिजू द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि मैंने मीडिया में वह पत्र देखा है जो आपने 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री को संबोधित किया था, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन का जिक्र है। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर मैं इस अवसर का लाभ उठाते हुए आपके द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर विनम्रतापूर्वक अपनी प्रतिक्रिया देना चाहता हूं। जब 2023 में संसद के दोनों सदनों द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया गया था तो यह एक लंबे समय से संजोई गई राष्ट्रीय आकांक्षा और पूरे राजनीतिक परिदृश्य में किए गए एक सच्चे साझा प्रयास का परिणाम था।

Promises to India’s women cannot become politics of postponement.
Today, when it is time to deliver the #NariShaktiVandan Adhiniyam, hesitation & questions are being raised. I respectfully differ.
I have written to Shri @kharge ji, placing the facts on record & reiterating the… pic.twitter.com/6qvNUgdJ8a — Kiren Rijiju (@KirenRijiju) April 12, 2026

महिला आरक्षण लागू करने का वक्त अब

यह पूरे देश में हमारी ‘नारी शक्ति’ के प्रति हमारे सामूहिक वादे को दर्शाता था। उस समय भी, अधिकांश दलों और हितधारकों का यह मत था कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए। आज, हम 2026 में हैं और यदि हम अभी बिल पर काम नहीं करेंगे तो यह संभव है कि 2029 के चुनावों तक महिलाओं के लिए आरक्षण लागू न हो पाए। क्या हमें इसके कार्यान्वयन में संभावित देरी होने देनी चाहिए, या लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए इसे जल्द से जल्द लागू करने हेतु अपना सर्वोत्तम प्रयास करना चाहिए? इसीलिए हमारी विनम्र राय में आवश्यक संशोधनों के साथ आगे बढ़ने का यह सबसे उपयुक्त और तार्किक समय है।

यह भी पढ़ें: महिला आरक्षण बिल को लेकर BJP सख्त, सांसदों के लिए जारी किया व्हिप; 16 से 18 अप्रैल तक मौजूद रहना जरूरी

विपक्ष से लगातार संवाद जारी

सरकार ने विपक्ष से संवाद न होने के आरोप को खारिज किया है। 16 मार्च 2026 को विस्तृत चर्चा के लिए पत्र भेजा गया था और बजट सत्र के दौरान भी बातचीत हुई। 26 मार्च को जवाब देते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में देरी पर चिंता जताई गई। 19 मार्च से अब तक समाजवादी पार्टी, डीएमके, वाईएसआरसीपी, एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी), एआईएमआईएम और बीजेडी सहित कई दलों से औपचारिक बैठकें कर सहमति बनाने की कोशिश की गई।

एजेंसी इनपुट के साथ…

Kiren rijiju letter kharge on nari shakti vandan adhiniyam

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Published On: Apr 12, 2026 | 09:15 PM

Topics:  

  • Kiren Rijiju
  • Mallikarjun Kharge

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