बांग्लादेश पहुंचे पाकिस्तानी पत्रकार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistani Journalists Visit Bangladesh: बांग्लादेश में 12 फरवरी यानी कल संसदीय चुनावों के लिए मतदान होने वाले है, इससे पहले पाकिस्तान ने अपने पत्रकारों और सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट्स का बड़ा दल वहां भेजा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 30 पाकिस्तानी पत्रकार बांग्लादेश पहुंचे हैं, जिनका बड़े स्तर पर स्वागत और आवभगत की गई। इसके अलावा, पाकिस्तान के कई सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट्स भी ढाका में मौजूद हैं।
यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी मीडिया और सामाजिक प्रतिनिधि बांग्लादेश में एक साथ पहुंचे हैं। जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और चुनाव आयोग ने दुनिया के विभिन्न देशों के पत्रकारों और ऑब्जर्वर्स को आमंत्रित किया था। पाकिस्तान से आने वाले पत्रकारों के वीजा और रहने-खाने का पूरा इंतजाम इस्लामाबाद में बांग्लादेश हाई कमीशन ने किया। ढाका में पाकिस्तानी डेलीगेशन के रहने का खर्च बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उठा रही है।
पाकिस्तानी पत्रकारों के स्वागत के लिए ढाका में एक डिनर रिसेप्शन का भी आयोजन किया गया, जो इस दौरे की डिप्लोमैटिक महत्वता को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान अपने नैरेटिव को लेकर कितनी गंभीर रणनीति अपनाता है। इस विषय पर बात करते हुए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने कहा कि पाकिस्तान ने आज़ादी के तुरंत बाद ही यह समझ लिया था कि नैरेटिव बिल्डिंग कितनी महत्वपूर्ण है। इसी कारण पाकिस्तान ने अपनी सेना के लिए मीडिया विंग तैयार किया, जबकि भारत ने इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
ढाका पहुंचने वाले पाकिस्तानी पत्रकारों में जियो न्यूज, ARY न्यूज, समा न्यूज, PTV न्यूज और पाकिस्तान टीवी जैसे प्रमुख टेलीविजन नेटवर्क शामिल हैं। साथ ही, इस समूह में सीनियर जर्नलिस्ट और जाने-माने सिविल सोसाइटी के लोग भी हैं। सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान की इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री ने घरेलू मीडिया आउटलेट्स को बांग्लादेश चुनाव की सकारात्मक कवरेज देने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, दौरे पर आए कुछ डेलीगेशन सदस्यों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पाकिस्तान-बांग्लादेश रिश्तों पर सकारात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग की जाए। इस तरह का समन्वित प्रयास पाकिस्तान के लिए अपने राजनीतिक और डिप्लोमैटिक इंटरेस्ट को बढ़ावा देने का हिस्सा माना जा रहा है।
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कुल मिलाकर, यह पाकिस्तान की रणनीति का एक हिस्सा है, जिसमें मीडिया और सिविल सोसाइटी के माध्यम से बांग्लादेश चुनावों की कवरिंग और दोनों देशों के रिश्तों पर अपना प्रभाव स्थापित किया जा रहा है।