2026 विधानसभा चुनाव से पहले केरल में हो रहा ‘सेमीफाइनल’, इन 7 जिलों में वोटिंग जारी
Kerala Elections: केरल निकाय चुनाव के पहले चरण में 7 जिलों के 11 हजार से अधिक वार्डों पर मतदान जारी है, इसे अगले साल 2026 विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल' माना जा रहा है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
वोट डालने के लिए लाइन में लगे लोग, फोटो- सोशल मीडिया
Kerala Local Body Polls: केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण में 7 जिलों के 11,168 वार्डों में आज मतदान हो रहा है। यह चुनाव 2026 के विधानसभा चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के निर्वाचन क्षेत्र तिरुवनंतपुरम पर सबकी नजर है।
केरल में स्थानीय निकाय चुनाव 2025 के पहले चरण में 7 जिलों के 11,168 वार्डों में मतदान जारी है। इन चुनावों के लिए मतदान की प्रक्रिया मंगलवार को सुबह 7 बजे से शुरू हुई है और यह शाम 6 बजे तक चलेगी। पहले चरण के बाद, दूसरे चरण का मतदान 11 दिसंबर को होगा, जिसके बाद सभी 1,199 स्थानीय निकायों के परिणाम 13 दिसंबर को जारी किए जाएंगे। कई राजनीतिक विश्लेषक इन चुनावों को अगले साल होने वाले राज्य के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला ‘सेमी-फाइनल’ मान रहे हैं।
पहले चरण में इन जिलों में वोटिंग
पहले चरण में कुल 7 जिलों में वोटिंग हो रही है। जिन सात जिलों में आज मतदान जारी है, उनमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम शामिल हैं। इन सातों जिलों के 11,168 वार्डों में मतदान हो रहा है। इन वार्डों में 941 ग्राम पंचायतें, 152 ब्लॉक पंचायतें, 14 जिला पंचायतें, 86 नगर पालिका और 6 नगर निगम शामिल हैं। पहले चरण में 36 हजार से ज्यादा मतदाता चुनावी मैदान में हैं।
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शशि थरूर के क्षेत्र पर त्रिकोणीय मुकाबला
इस बार केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। हालांकि, कई जगहों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूत स्थिति के कारण चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय रूप ले चुका है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के निर्वाचन क्षेत्र क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा है।
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अपने-अपने समीकरण साधने में जुटीं पार्टियां
माकपा के लीडरशिप वाले सत्तापक्ष एलडीएफ अपनी विकास योजनाओं और कल्याण पेंशन के रिकॉर्ड के भरोसे समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। वहीं विपक्षी कांग्रेस पार्टी इस उम्मीद में है कि सबरीमाला में सोना गायब होने का हाई-प्रोफाइल मामला जनता को उसके पक्ष में वोट करने के लिए उकसाएगा। भाजपा भी राज्य में अधिक पैठ बनाने की कोशिश में जुटी हुई है। आपको बता दें कि इस पूरे चुनाव में 1,32,83,789 मतदाता 23,576 वार्डों में 75,632 उम्मीदवारों के चुनाव नतीजे तय करेंगे।
