’12 साल के अंदर ही नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंका’, कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कंगना रनौत ने कही बड़ी बात
Naxalism Debate Parliament: कंगना रनौत ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ हुई कार्रवाई पर भी अपनी बात रखी और मोदी सरकार की जमकर तारीफ की।
- Written By: सजल रघुवंशी
कंगना रनौत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kangana Ranaut Statement: संसद के दोनों सदनों में आज नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा हुई । लोकसभा में नक्सलवाद और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद कंगना रनौत ने केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि करीब एक साल पहले गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से माओवाद को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लिया था और अब यह लक्ष्य हासिल होता नजर आ रहा है।
साथ ही कंगना रनौत ने बताया कि 1967 में नक्सलवाद की शुरूआत एक छोटी सी चिंगारी के रूप में हुई थी। अगर उस समय की सरकार चाहती तो नक्सलवाद को रोक सकती थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने आदिवासी समाज के साथ भेदभाव किया और इस समस्या को बढ़ने दिया।
कंगना रनौत ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय वैचारिक मतभेदों को कम करने के बजाय उन्हें और गहरा किया गया, जिसका फायदा वामपंथी उग्रवादियों को मिला। उनके अनुसार इन उग्रवादियों ने हजारों हमले किए जिनमें 2000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की जान गई और बच्चों को भी हिंसा की राह पर धकेल दिया गया। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें और लैपटॉप होने चाहिए थे, उन्हें बंदूकें थमा दी गईं और पूरे इलाके को ‘रेड कॉरिडोर’ और ‘नो-गो जोन’ में तब्दील कर दिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
Syria Parliament: असद राज के खात्मे के बाद सीरिया में नई संसद तैयार, 70 सांसदों की लिस्ट हुई जारी
अवैध घुसपैठियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में मोदी सरकार, अमित शाह ने 9 जुलाई को बुलाई हाई लेवल मीटिंग
Raj Thackeray: बीजेपी पैदा कर रही है कल के दुश्मन, दल-बदल पर राज ठाकरे का करारा प्रहार
‘अमित शाह 2.5 साल में राम मंदिर क्यों नहीं गए?’ केजरीवाल ने उठाए 5 बड़े सवाल, बड़े खुलासे का किया दावा
2014 के बाद हालात बदलने शुरू हुए- कंगना रनौत
कंगना रनौत ने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए कई अहम कदम उठाए। साथ ही उन्होंने जो देकर यह भी कहा कि 2014 के हालात बदलने शुरू हुए और विकास और विश्वास की नीति अपनाई गई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने सुरक्षा बलों को मजबूत किया और नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में संविधान की व्यवस्था स्थापित की गई। साथ ही कंगना ने विकास कार्यों का भी जिक्र किया और बताया कि सरकार की नीति के तहत 8 हजार से ज्यादा युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की।
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि देश बंदूक की ताकत से नहीं, बल्कि संविधान और जनता के विश्वास से चलेगा। उन्होंने इस दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में बड़ा बदलाव है।
12 साल में खत्म हुआ नक्सलवाद- कंगना रनौत
कंगना रनौत ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान साफ कहा कि 60 साल में वह नक्सलवाद को खत्म नहीं कर पाए और पीएम मोदी की सरकार ने 12 साल में ही नक्सलवाद को जड़ से उकाड़ फेंका और आज पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है कि हमारी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर दिया।
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, “…60 साल में वे नक्सलवाद को खत्म नहीं कर पाए और पीएम मोदी की सरकार ने 12 साल में ही नक्सलवाद को खत्म कर दिया और आज पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिन है कि हमारी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर दिया।… pic.twitter.com/VyNSKN9Nrb — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 30, 2026
यह भी पढ़ें: विजयवाड़ा में 9 नक्सलियों का सरेंडर: 36 साल से छिपे मास्टरमाइंड सुरेश ने डाली अपनी बंदूकें
अमित शाह ने नक्सलवाद पर दिया जोरदार भाषण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी 30 मार्च को सदन में नक्सलवाद पर बोलते हुए दो टूक कहा कि जो हथियारी मूवमेंट के वकील बने हुए हैं, कहते हैं हमारे साथ अन्याय हो रहा है। अन्याय हो रहा है तो उसके लिए व्यवस्थाएं बनी हैं। अदालतें बनी हैं, हथियार उठा लोगे। संविधान को नहीं मानोगे, ऐसा नहीं चलेगा। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो भी हथियार उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। अपने भाषण में उन्होंने बस्तर का भी जिक्र किया और कहा कि बस्तर में लाल आतंक की परछाई थी इसलिए वहां विकास नहीं पहुंचा।
