

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये जो हथियारी मूवमेंट के वकील बने हुए हैं, कहते हैं हमारे साथ अन्याय हो रहा है। अन्याय हो रहा है तो उसके लिए व्यवस्थाएं बनी हैं। अदालतें बनी हैं। हथियार उठा लोगे। संविधान को नहीं मानोगे। ऐसा नहीं चलेगा। ये नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो भी हथियार उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर में लाल आतंक की परछाई थी, इसलिए वहां विकास नहीं पहुंचा। राजकुमार रौत जैसे साथी कह रहे हैं आदिवासी का विकास नहीं हुआ।
अमित शाह ने कहा कि 70 में से 60 साल तो सरकार कांग्रेस की रही। फिर क्यों विकास नहीं हुआ। आपने क्यों नहीं किया विकास आज आप हिसाब मांग रहे हो। मैं पूरा बताऊंगा। वहां करोड़ों लोग गरीबी में वर्षों तक जीते रहे, किसी ने चिंता नहीं की। 20 हजार युवा मारे गए, कई दिव्यांग बन गए और उन तक विकास नहीं पहुंचा। कौन जिम्मेदार है। क्या देश की सबसे बड़ी पंचायत को इस पर चिंतन नहीं करना चाहिए। नक्सलवाद का मूल कारण विकास की डिमांड नहीं, एक आइडियोलॉजी है। जिसे एक राष्ट्रपति चुनाव के कारण इंदिरा गांधी ने स्वीकार कर लिया।
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में उनका होम मिनिस्टर होता था। अब कह रहे हैं बातचीत करो, मैं 50 बार जा कर कह चुका हूं, हथियार डाल दीजिए, आपके पुर्नवास हम करेंगे। जो गोली चलाता है उसका जवाब गोली से दिया जाता है।