

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक पर बनी जेपीसी की बैठक में शुक्रवार को हंगामा हो गया। इस हंगामे को देखते हुए मार्शल तक को बुलाना पड़ गया है। असदुद्दीन ओवैसी और कल्याण बनर्जी सहित 10 विपक्षी सांसदों को जेपीसी सदस्यता से एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।
वहीं वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल इस हंगामे पर बोले कि "हमने सदन को दो बार स्थगित किया। कल्याण बनर्जी ने मेरे खिलाफ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और मुझे गाली दी, मैं उनसे अनुरोध करता रहा कि उन लोगों को बोलने दें, जिन्हें हमने आमंत्रित किया था।"
जगदंबिका पाल ने कहा कि हमने सदन को बार-बार स्थगित किया लेकिन विपक्षी सांसद नहीं चाहते थे कि बैठक जारी रहे। बैठक में जम्मू-कश्मीर से एक प्रतिनिधिमंडल आया था, लेकिन विपक्षी सांसद चिल्लाते और नारे लगाते रहे। इसलिए आखिरकार निशिकांत दुबे को प्रस्ताव पेश करना पड़ा और सभी ने इस पर सहमति जताई।"
वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की बैठक के दौरान हुए हंगामे पर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि आज हम दोनों पक्षों को सुनने के लिए यहां आए थे, एक जम्मू-कश्मीर का संगठन था और दूसरा दिल्ली का वकीलों का संगठन था। संगठन के सदस्य इंतजार कर रहे हैं। लेकिन टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांसद बनर्जी ने जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल के लिए असंवैधानिक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। बैठक दो बार स्थगित हो चुकी है।
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने बताया कि 8 अगस्त 2024 को वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी का गठन हुआ। 22 अगस्त 2024 को जेपीसी की पहली बैठक हुई थी। तक से अब तक कुल 34 मीटिंग हो चुकी है। हर बैठक में जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सभी को सुना। सभी के विचारों का सम्मान किया लेकिन आज टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने अध्यक्ष जगदंबिका पाल के लिए असंवैधानिक शब्दाें का प्रयोग किया।