ITCX 2025: अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो का शुभारंभ, CM फडणवीस बोले- रोल मॉडल है तिरुपति के कुशल प्रबंधन
विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो (ITCX) 2025 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आशीर्वाद लेने के लिए आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर पहुंचे...
- Written By: आकाश मसने
कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु व अन्य (साेर्स: एक्स@CMOMaharashtra)
तिरुपति/ मुंबई: विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो (ITCX) 2025 के उद्घाटन के मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आशीर्वाद लेने के लिए आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर पहुंचे। उन्होंने वहां आयोजित हो रहे ‘अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (ITCX) 2025’ में उपस्थिति दर्ज कराई तथा परिसर में हो रहे पवित्र हवन एवं तिरुपति बालाजी भगवान के दर्शन किए।
मंदिरों का महाकुंभ” कहा जाने वाला यह भव्य आयोजन ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं के सहयोगात्मक आदान-प्रदान के लिए दुनिया भर के धार्मिक नेताओं, विद्वानों और मंदिर प्रशासकों को एक साथ लाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सोमवार को दुनिया भर के मंदिरों के प्रतिनिधियों के भव्य समागम आईटीसीएक्स 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और गाेवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समेत अन्य लाेग मौजूद थे।
इस मौके पर सीएम फडणवीस ने आईटीसीएक्स के महत्व की सराहना करते हुए कहा कि तिरुपति में आयोजित किया जा रहा अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो एक सुंदर अवधारणा है, जो दुनिया भर धार्मिक नेताओं, स्कॉलरों एवं मंदिर प्रबंधनों को जोड़ती है और उन्हें ज्ञान साझा करने और सहयोगी सीखने के लिए एक मंच पर लाती है।
सम्बंधित ख़बरें
रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने में सरकार करेगी मदद, कैबिनेट में जारी की गई गाइड पुस्तिका
महाराष्ट्र में ऊर्जा क्रांति: रायगढ़ में NTPC के प्रोजेक्ट्स की क्षमता बढ़ी, 2600 MW बिजली से रोशन होगा राज्य
मुंबई में पहलगाम जैसा आतंकी हमला! गार्ड्स से पूछा धर्म, कलमा नहीं पढ़ा तो मारा चाकू, क्या बोले CM फडणवीस?
नौकरी से लेकर स्किल ट्रेनिंग तक एक मंच पर, ‘महाचतुर’ चैटबॉट का मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया उद्घाटन
तिरुपति मंदिर के कुशल प्रबंधन को एक मॉडल के रूप में स्वीकार करना चाहिए
हमारे पास तिरुपति मंदिर का उदाहरण है, जिसमें सबसे अच्छी प्रथाएं संचालित की जाती हैं। फडणवीस ने कहा कि हमारे पास तिरुपति मंदिर का उदाहरण है, जिसमें सबसे अच्छी प्रथाएं संचालित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि तिरुपति मंदिर के कुशल प्रबंधन को एक मॉडल के रूप में भी स्वीकार करना चाहिए तथा इसके सर्वोत्तम-संचालित प्रथाओं को देखते हुए दूसरों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।
शामिल होंगी कई प्रमुख हस्तियां
सम्मेलन के दूसरे संस्करण में 17 देशों के 1,581 मंदिरों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। जबकि 58 अन्य देशों के 685 मंदिर हाइब्रिड प्रारूप में भाग ले रहे हैं। 111 से अधिक वक्ताओं, 15 कार्यशालाओं और 60 से अधिक प्रदर्शनी स्टालों के साथ, तीन दिवसीय कार्यक्रम मंदिर प्रशासन, विरासत के संरक्षण और मंदिर प्रबंधन में आधुनिक तकनीकी प्रगति पर सार्थक चर्चाओं करेंगे।
देश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
राजनीतिक नेताओं और धार्मिक विद्वानों सहित कई प्रमुख हस्तियों के सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो 2025 का उद्देश्य दुनिया भर के मंदिरों के बीच संबंधों को मजबूत करना है, यह सुनिश्चित करना है कि ज्ञान-साझाकरण और सहयोगी प्रयास दुनिया भर के समाजों के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को समृद्ध करते रहें।
