चंद्रयान-4 और 5 को लेकर दी बड़ी खुशखबरी, मंगल-शुक्र मिशन के लिए भी किया ऐलान, इतिहास रचने को तैयार है ISRO
Indian Space Research Organization: भारत के चंद्र मिशनों पर बड़ी जानकारी मिली है। इसरो प्रमुख वी नारायणन ने बुधवार को बताया कि चंद्रयान-4 के जरिए चांद से नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर लाने की योजना है।
- Written By: अभिषेक सिंह
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
ISRO Chandrayaan Mission: भारत के चंद्र मिशनों पर बड़ी जानकारी मिली है। इसरो प्रमुख वी नारायणन ने बुधवार को बताया कि चंद्रयान-4 के जरिए चांद से नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर लाने की योजना है। वहीं, चंद्रयान-5 में ज्यादा वजन वाला लैंडर होगा, जिसकी उम्र भी लंबी होगी। साथ ही उन्होंने एजेंसी के भावी प्रोजेक्ट्स पर बात की, जिनमें शुक्र ग्रह का अध्ययन और दूसरा मंगल लैंडिंग मिशन शामिल हैं।
इसरो के ‘स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवेयरनेस ट्रेनिंग’ (START 2026) के चौथे संस्करण के उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, हम अपने चंद्रयान कार्यक्रम को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। चंद्रयान-4 के तहत चंद्रमा से नमूने सुरक्षित वापस लाने की योजना है। इसी तरह, चंद्रयान-5 मिशन में अधिक भार उठाने वाला लैंडर इस्तेमाल किया जाएगा, जिसकी मिशन लाइफ भी पहले से काफी लंबी होगी।
मंगल पर लैंडिंग की तैयारी कर रहा ISRO
नारायणन के अनुसार, चंद्रयान-3 लैंडर की उम्र सिर्फ 14 दिन थी। नए मिशनों में इसे 100 दिन तक बढ़ाने का लक्ष्य है। नया रोवर भी अधिक भारी होगा। पिछला रोवर 25 किलो का था, जबकि अगला 350 किलो का होगा। शुक्र मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंगल का ऑर्बिटर प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है, इसलिए अब इसरो मंगल ग्रह पर लैंडिंग मिशन की तैयारी कर रहा है।
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सरकार से चल रही बातचीत: नारायणन
उन्होंने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार से मंजूरी पर बात चल रही है, जिसे विज्ञान क्षेत्र में काफी दिलचस्पी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष कार्यक्रमों का दायरा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इसरो फिलहाल गगनयान मिशन पर काम कर रहा है। इसके तहत संभवतः अगले दो सालों में एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने और उन्हें सुरक्षित धरती पर वापस लाने की योजना बनाई जा रही है।
और क्या कुछ बोले ISRO के चेयरमैन?
उन्होंने बताया कि 2035 तक अपना स्वदेशी स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही 2040 तक भारतीयों को चांद पर उतारने और सुरक्षित वापस लाने पर भी विचार-विमर्श शुरू हो गया है। अंतरिक्ष सेक्टर में काफी हलचल है। आम नागरिकों की खाद्य सुरक्षा, जल सुरक्षा, संचार और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली तकनीकों के अतिरिक्त, विज्ञान के क्षेत्र में भी कई अहम परियोजनाओं की योजना बनी है।
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इसरो चेयरमैन वी नारायणन ने बताया कि भारत अब तक एस्ट्रोसैट समेत 10 अहम वैज्ञानिक मिशन पूरे कर चुका है। एस्ट्रोसैट एक दशक से बेहतरीन काम कर रहा है। तीनों चंद्रयान अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इनसे कई खोजें हुईं। हम काफी आगे बढ़ रहे हैं। 2023 की कामयाबी पर उन्होंने कहा कि भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला विश्व का पहला देश है।
