Middle East Crisis: राशन से लेकर तेल तक...भारत की कवच तैयार, सरकार ने पेश किया फुलप्रूफ प्लान

Middle East Crisis: मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद खाद्य तेलों और चीनी की घरेलू उपलब्धता संतोषजनक है। सरकार जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखी है।
inter ministerial briefing
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा, (सोर्स-PIB)
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Middle East Crisis: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में खाद्य सुरक्षा, ईंधन आपूर्ति और समुद्री व्यापार पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही, युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

उपभोक्ता कार्य एवं खाद्य मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि देश में चावल और गेहूं का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद सुचारू रूप से शुरू हो गई है।

मंत्रालय ने प्रेस वार्ता में क्या कहा?

मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं (Middle East Crisis) के बावजूद खाद्य तेलों और चीनी की घरेलू उपलब्धता संतोषजनक है। कीमतों पर लगाम कसने के लिए विभाग 578 केंद्रों से 40 आवश्यक वस्तुओं की दैनिक निगरानी कर रहा है और अब तक बाजार में कोई असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है।

जमाखोरी रोकने पर सरकार की नजर

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव (Middle East Crisis) के बावजूद घरेलू एलपीजी वितरण सामान्य है। 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से अधिक सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए बुकिंग अंतराल को बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया है। इसके अलावा, देशभर में 1 लाख से अधिक छापे मारकर 52,000 से अधिक अवैध सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उद्योग जगत में 97 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग और 90 प्रतिशत डीएसी-आधारित डिलीवरी के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो शिप रवाना

समुद्री व्यापार के मोर्चे पर राहत की खबर है कि भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी पोत, 'ग्रीन सानवी' और 'ग्रीन आशा', सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। वर्तमान में फारस की खाड़ी में 16 भारतीय जहाजों पर 433 नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा की निगरानी जहाजरानी महानिदेशालय (DG Shipping) का 24x7 कंट्रोल रूम कर रहा है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी

विदेश मंत्रालय (MEA) खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर पल-पल की नजर रख रहा है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अब तक ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते 1,777 भारतीय नागरिकों (छात्रों और मछुआरों सहित) को सुरक्षित निकालने में सहायता की है। हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण भारतीयों को मिस्र, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसे पड़ोसी देशों के वैकल्पिक मार्गों से वापस लाया जा रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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