आतंकियों के सिर पर मौत बनकर नाचेगा ‘रूद्र’, सेना ने पहली बार एनकाउंटर में उतारा
Kulgam Encounter: कुलगाम एनकाउंटर में सेना ने अटैक हेलिकॉप्टर रूद्र को उतार दिया है। इसका मतलब है कि आतंकियों के ठिकानों पर बेहद सटीक हमला, बिना ग्राउंड फोर्स को खतरे में डाले।
- Written By: अर्पित शुक्ला
रूद्र हेलीकॉप्टर (Image- Social Media)
Indian Army News: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में चल रही मुठभेड़ में सेना ने एक ऐसा दांव चला है जिससे आतंकियों का सफाया होना पक्का है। पहली बार भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में ‘रुद्र’ अटैक हेलीकॉप्टर उतारा है, वो भी हथियारों से लैस। 20mm की ऑटोमैटिक गन से लैस, रुद्र अब आतंकियों के सिर के ऊपर मंडरा रहा है। कोई जिधर भी हिले, सीधी गोली! ‘रुद्र’ कोई साधारण हेलीकॉप्टर नहीं है। यह आसमान से बरसती आग का तूफ़ान है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इसे ख़ास तौर पर ऐसी लड़ाइयों के लिए बनाया है, जहां विरोधी छिपता है, भागता है या अचानक हमला करता है। इस ऑपरेशन में सेना को इनपुट मिला कि कुछ आतंकी घने इलाके में छिपे हैं और गोलीबारी कर रहे हैं। तो ज़मीन से लड़ते हुए अब आसमान से भी बंदूकें गरजने लगीं और रुद्र ने मोर्चा संभाल लिया।
रुद्र की खासियत
20mm टर्रेट गन: मिनटों में सैकड़ों गोलियां, वो भी लक्ष्य पर निशाना साधकर।
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रुद्र ने बदली युद्ध की रणनीति
पहले ऑपरेशन ज़मीन से किए जाते थे। आतंकवादियों को पकड़ने में समय लगता था। अब रुद्र की तैनाती के साथ, यह ‘नो एस्केप ऑपरेशन’ बन गया है। चाहे कोई खिड़की से भागे या जंगल में छिप जाए, रुद्र सब पर नज़र रख रहा है, सब पर हमला कर रहा है। इस हेलीकॉप्टर के आते ही आतंकवादियों की गोलीबारी धीमी हो गई, उनकी गतिविधियां रुक गईं और उनका मनोबल टूट गया है।
सेना की प्लान साफ
सेना का इरादा अब बिल्कुल साफ़ है, जो भी बंदूक उठाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। ‘रुद्र’ का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि अब सिर्फ़ जवाबी गोलीबारी नहीं होगी, सटीक हमले होंगे और वह भी हवा से। कोई भी आतंकवादी बच नहीं पाएगा।
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नज़दीकी हवाई सहायता तुरंत उपलब्ध
ज़मीन पर तैनात जवानों को रुद्र से तुरंत मदद मिल रही है। जहां भी आतंकवादी गतिविधि दिखाई देती है, वहीं से आदेश आता है, गोली मारो, मार डालो। रुद्र अब एक बड़ा बदलाव है। इससे ऑपरेशन लंबा नहीं खिंचता, बल्कि तुरंत खत्म हो जाता है।
