मोदी सरकार का बड़ा यू-टर्न! भारत ने COP33 की मेजबानी के प्रस्ताव से नाम वापस लिया, 2 साल बाद होना था आयोजन
COP33 Climate Summit 2028: भारत ने साल 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (COP33) की मेजबानी से अपनी दावेदारी वापस ले ली है। मोदी सरकार के इस अचानक फैसले ने सबको चौंका दिया है।
- Written By: अक्षय साहू
भारत ने COP33 की मेजबानी की बोली वापस ली (सोर्स- सोशल मीडिया)
India COP33 Bid Withdrawn Hosting: भारत ने साल 2028 में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन COP33 की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को इस फैसले की पुष्टि की। यह कदम वैश्विक जलवायु कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत ने खुद इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी करने की इच्छा जताई थी और इसके लिए औपचारिक प्रस्ताव भी दिया था।
दरअसल, 2023 में दुबई में आयोजित COP28 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच से घोषणा की थी कि भारत 2028 में COP33 की मेजबानी करना चाहता है। उस समय उन्होंने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में भारत की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करते हुए यह प्रस्ताव रखा था।
COP33 की मेजबानी नहीं करेगा भारत
सूत्रों के अनुसार, भारत ने संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को आधिकारिक रूप से सूचित कर दिया है कि वह अब COP33 की मेजबानी नहीं करेगा। हालांकि, इस फैसले के पीछे के कारणों का अब तक खुलासा नहीं किया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, और बॉन स्थित COP मुख्यालय की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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हैरानी की बात यह है कि भारत इस आयोजन की तैयारियों को लेकर पहले काफी सक्रिय नजर आ रहा था। जुलाई 2025 में पर्यावरण मंत्रालय ने ‘COP33 सेल’ का गठन किया था, जिसका उद्देश्य सम्मेलन के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक, समन्वय और योजना से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित करना था। यह सेल संभावित मेजबानी की तैयारी के लिए एक अहम कदम माना जा रहा था।
क्या है कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज?
संयुक्त राष्ट्र के तहत आयोजित होने वाले COP सम्मेलन की मेजबानी विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के बीच रोटेशन के आधार पर तय की जाती है। इन समूहों में अफ्रीका, एशिया-प्रशांत, लैटिन अमेरिका, पूर्वी यूरोप और पश्चिमी यूरोप सहित अन्य देश शामिल होते हैं।
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COP, यानी ‘कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज’, संयुक्त राष्ट्र के जलवायु फ्रेमवर्क (UNFCCC) के तहत आयोजित एक प्रमुख वार्षिक सम्मेलन है, जिसमें दुनिया भर के देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नीतियों, लक्ष्यों और रणनीतियों पर चर्चा करते हैं। यह मंच वैश्विक जलवायु कार्रवाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
