प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अलग-अलग मंत्रालयों के अधिकारी, (सोर्स- PIB)
Inter-Ministerial Briefing On Middle East: मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण स्थिति और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में उत्पन्न चुनौतियों के बीच भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को लेकर एक व्यापक खाका पेश किया है। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम, कोयला, विदेश और शिपिंग मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से देश को आश्वस्त किया कि भारत किसी भी संभावित ऊर्जा संकट या लॉजिस्टिक्स व्यवधान से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि युद्ध के प्रभाव से काफी पहले ही पर्याप्त भंडार तैयार कर लिया गया था। वर्तमान में थर्मल पावर प्लांट में 55.18 मिलियन टन कोयला उपलब्ध है, जो 24 दिनों के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, खदानों और बंदरगाहों पर 171.90 मिलियन टन का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कोल इंडिया ने ई-नीलामी के आरक्षित मूल्य में 20% की कमी की है, जिससे लागत का बोझ आम जनता पर न पड़े।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘राशनिंग’ और ‘युक्तिकरण’ के उपाय लागू किए हैं। शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग का अंतर बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 5-किलो वाले मुक्त व्यापार (FTL) सिलेंडरों की बिक्री में भारी उछाल आया है। 7 अप्रैल को ही 1.1 लाख से अधिक ऐसे सिलेंडर बेचे गए। साथ ही, उर्वरक संयंत्रों को गैस का आवंटन बढ़ाकर उनकी औसत खपत का 95% करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर उपभोक्ताओं को वैश्विक महंगाई से बचाने का प्रयास किया है।
डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग ने जानकारी दी कि अब तक 1,754 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए 24×7 कंट्रोल रूम काम कर रहा है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान में फंसे लगभग 7,500 भारतीयों में से 1,864 लोगों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। इजराइल और इराक जैसे हवाई क्षेत्र प्रतिबंध वाले देशों से भारतीय नागरिकों को मिस्र और जॉर्डन के वैकल्पिक मार्गों से लाया जा रहा है।
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प्रेस वार्ता के अंत में भारत ने पश्चिम एशिया में हुए युद्धविराम का स्वागत किया। सरकार ने दोहराया कि स्थायी शांति के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। भारत को उम्मीद है कि इस कदम से न केवल होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुगम होगा, बल्कि वैश्विक व्यापार नेटवर्क में भी स्थिरता लौटेगी। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में ईंधन की खरीदारी (Panic Buying) न करें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।