भारत-UAE रक्षा साझेदारी: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और यूएई डिप्टी कमांडर ने सैन्य संबंधों पर की चर्चा

India UAE Relations: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और यूएई के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के बीच हुई बैठक में रक्षा सहयोग, सैन्य आदान-प्रदान और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने पर अहम चर्चा हुई।
India-UAE Defence Partnership: Army Chief General Upendra Dwivedi and UAE Deputy Commander discuss military ties
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा संबंधों में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की चर्चा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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 General Dwivedi Discusses India-UAE Defence: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। यूएई थल सेना के डिप्टी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ मोहम्मद खमीस मोहम्मद अल-हसानी ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को नई गति देने पर चर्चा की।

इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने, पेशेवर स्तर पर आपसी आदान-प्रदान को मजबूत करने और रक्षा क्षेत्र में नए अवसर तलाशने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने संस्थागत संबंधों को सशक्त बनाने, आपसी विश्वास बढ़ाने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। भारत और यूएई के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के बीच यह बैठक रक्षा साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सेना प्रमुख से मिले UAE के डिप्टी कमांडर

इंडियन आर्मी के एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर लिखा, "यूएई थल सेना के डिप्टी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ मोहम्मद खमीस मोहम्मद अल-हसानी ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। बैठक में भारत और यूएई के रक्षा संबंधों की लगातार बढ़ती मजबूती पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने सैन्य सहयोग बढ़ाने, पेशेवर स्तर पर आपसी आदान-प्रदान को मजबूत करने और दोनों सेनाओं के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने पर चर्चा की।"

क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के साझा लक्ष्य पर सहमति

तो वहीं एडीजीपीआई के मुताबिक, दोनों देशों ने संस्थागत संबंधों को मजबूत करने, आपसी भरोसा बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस साल जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के आधिकारिक दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने माना कि भारत और यूएई के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहे हैं और यह दोनों देशों की कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सैन्य सहयोग और पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर

दरअसल बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया था, "दोनों नेताओं ने दोनों देशों की सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों और वरिष्ठ कमांडरों के हालिया दौरों का स्वागत किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच सफल सैन्य अभ्यासों की भी सराहना की। साथ ही, स्ट्रेटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप की दिशा में 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर होने का भी स्वागत किया।"

भारत-यूएई रणनीतिक रक्षा साझेदारी को नई मजबूती

बता दें कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी जनवरी में आधिकारिक तौर पर यूएई का दौरा किया था। यह दौरा भारत की उन कोशिशों का हिस्सा था, जिनका मकसद मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग और सेनाओं के बीच रिश्तों को मजबूत करना है। अपने दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी ने यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।

उन्हें यूएई की सेना की संरचना, जिम्मेदारियों और उसकी क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने यूएई के कई अहम सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा किया और वहां तैनात अधिकारियों और जवानों से बातचीत की। इस दौरान भारत और यूएई के बीच लगातार मजबूत होते रक्षा संबंधों पर भी जोर दिया गया।

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