भारत अब पाकिस्तान पर प्रहार के लिए नया पिनाका रॉकेट लाने को तैयार, क्यों खास है यह हथियार?
Guided Pinaka Rockets: भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय को पिनाका रॉकेट की खरीद करने का प्रस्ताव दिया है। यह करीब 2500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव है। फिलहाल रक्षा मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है।
- Written By: रंजन कुमार
पिनाका रॉकेट। इमेज-सोशल मीडिया
Pinaka Multi Barrel Rocket Launcher: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना लंबी दूरी की तोपखाने की क्षमताओं को और मजबूत करने जा रही है। सेना पिनाका के मार्क-3 वर्जन को शामिल करने की तैयारी कर रही। भारत का स्वदेशी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर पिनाका से दुश्मन खौफ खाता है। इसे सेना के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने डेवलप किया है। इस सिस्टम के मार्क-I वैरियंट की रेंज 45 किमी और मार्क-2 की रेंज 75 किमी है। अब DRDO इसका मार्क-3 वर्जन विकसित कर लिया है। इसकी रेंज 120 किमी है। सेना इस नए वैरियंट को जल्द शामिल करने की तैयारी कर रही।
2500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव के तहत 120 किमी स्ट्राइक रेंज वाली पिनाका रॉकेट सिस्टम को अगले साल तक सेना में शामिल किया जा सकता है। 120 किलोमीटर तक लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता वाले करीब-करीब रॉकेट विकसित किए जा चुके हैं। DRDO अगले साल इनके परीक्षण की तैयारी कर रहा है। इसके तेजी से उत्पादन के लिए निजी रक्षा कंपनियों की मदद भी ली जाएगी।
पिनाका रेजिमेंट को मजबूत करने की तैयारी
पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के नए 120 किमी स्ट्राइक रेंज वाले रॉकेट उसी लॉन्चर से लॉन्च किए जा सकेंगे, जिससे वर्तमान में 40 किमी और 75 प्लस किमी के टॉरगेट को निशाना बनाने वाले रॉकेट दागे जाते हैं। भारतीय सेना मौजूदा पिनाका रेजिमेंट को मजबूत करने पर विचार कर रही। इसके लिए एरिया डिनायल गोला-बारूद खरीदने के ऑर्डर दिए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
चीन की साजिश का पर्दाफाश! Operation Sindoor में दिया था पाकिस्तान का साथ, भारत के खिलाफ डर्टी गेम बेनकाब
लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि होंगे देश के नए CDS, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में एक्सपर्ट ऑफिसर को नौसेना की कमान
पहले कहा ‘आतंकियों की बहन’…अब बोले तारीफ करना चाहते थे, कर्नल सोफिया मामले में विजय शाह की दलील पर भड़के CJI
98% मिसाइलें फेल और ताश की तरह ढही पाक वायुसेना, विदेशी विशेषज्ञों ने बताया ऑपरेशन सिंदूर का असली सच
भगवान शिव के धनुष के नाम पर रखा पिनाका नाम
भगवान शिव के धनुष के नाम पर इस हथियार का नाम पिनाका रखा गया है। यह 44 सेकंड में प्रति लॉन्चर 12 रॉकेट दाग सकता है। इसे एक टाट्रा ट्रक पर फिट लॉन्चर से छोड़ा जा सकता है। इसका इस्तेमाल कारगिल युद्ध के दौरान भी हुआ था। ऊंचे पहाड़ों पर दुश्मन के ठिकानों पर ये रॉकेट कहर बनकर टूटे थे, तब से इसे बड़ी संख्या में सेना में शामिल किया गया है।
हर 4 सेकेंड में एक रॉकेट दागने में सक्षम
पिनाका एक साथ कई रॉकेट दागने में सक्षम है। प्रत्येक 4 सेकेंड में एक रॉकेट दागने की क्षमता है, जो इसे दुनिया के सबसे घातक हथियारों में से एक बनाती है। यह युद्ध क्षेत्र में भारतीय सेना को लंबी दूरी के हमलों में निर्णायक बढ़त देता है। इससे निकलने वाले रॉकेट की रफ्तार मैक 4.7 (5,800 किमी/ घंटा) होती है, जिसे रोकना लगभग असंभव है।
यह भी पढ़ें: नौसेना प्रमुख ने खोला ऑपरेशन सिंदूर की सफलता राज, बताया पाकिस्तानी बेड़े को बंदरगाहों में कैसे रोका
22 पिनाका रेजिमेंट को शामिल करने की योजना
सेना 2030 तक 22 पिनाका रेजिमेंट को शामिल करने की योजना बना रही है। पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) सभी मौसम और हर क्षेत्र में पूरी क्षमता से प्रहार करने वाली रॉकेट आर्टिलरी हथियार प्रणाली है। कम समय में इस सिस्टम से दुश्मन पर मिसाइलों की बारिश की जा सकती है।
सीधी रेंज में होंगे पाकिस्तान के सारे बड़े शहर
डीआरडीओ ने गाइडेड पिनाका सिस्टम के लिए भी परीक्षण पूरा कर लिया है. इसका मार्क-3 वर्जन गाइडेड होगा। इसके अलावा मार्क-4 पर काम चल रहा। इसके 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है। पिनाका मार्क-4 की स्ट्राइक रेंज 300 किमी होगी। पिनाका-3 और पिनाका-4 के भारतीय सेना में शामिल होते पाकिस्तान के सारे बड़े शहर इसके सीधी रेंज में होंगे।
