India Passport की ताकत: हेनले इंडेक्स 2026 में भारत 80वें पायदान पर, 56 देशों में बिना वीजा एंट्री

India Passport Rank: हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट 80वें स्थान पर आया है। अब भारतीय दुनिया के 56 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। यह रिपोर्ट काफी अहम है।
India Passport Rank: India Ranks 80 In The Henley Passport Index 2026 For 56 Visa Free Countries
भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Global India Passport Rank: हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के नए और अहम आंकड़े अब पूरी दुनिया के सामने आ गए हैं। इस वैश्विक सूची में भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारतीय पासपोर्ट को 80वां स्थान मिला है।

यह रैंकिंग साफ दिखाती है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की ताकत बहुत ही धीमी गति से आगे बढ़ रही है। इस समय दुनिया के केवल 56 देशों में ही भारतीय नागरिकों को बिना वीजा के यात्रा करने की विशेष सुविधा पूरी तरह से दी गई है।

दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की इस सूची में टॉप 50 देशों के अंदर भारत अपनी मजबूत जगह बनाने में सफल नहीं हो पाया है। आर्थिक मोर्चे पर बड़ी तरक्की करने के बावजूद पासपोर्ट की मजबूती के मामले में यह स्थिति बहुत ही ज्यादा चौंकाने वाली और निराशाजनक है।

आमतौर पर माना जाता है कि मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देशों का पासपोर्ट काफी ताकतवर होता है लेकिन इस नई रिपोर्ट ने इस धारणा को बदल दिया है। इस सूची में अमेरिका जैसे शक्तिशाली और बड़े देश का पासपोर्ट भी 10वें नंबर पर मौजूद है।

पड़ोसी देशों की वर्तमान स्थिति

भारतीय पासपोर्ट के मुकाबले पड़ोसी देशों की रैंकिंग पर भी इस नई रिपोर्ट में बहुत ही विस्तार से अहम चर्चा की गई है। इस सूची में चीन का पासपोर्ट भारत से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है और उसने 83 देशों में वीजा फ्री एंट्री के साथ 59वां स्थान हासिल किया है। वहीं पाकिस्तान की स्थिति बहुत ही खराब है और उसका पासपोर्ट 30 देशों की पहुंच के साथ 100वें स्थान पर खिसक गया है। इसके अलावा बिना वीजा पहुंच के मामले में बांग्लादेश 87वें (36 देश), श्रीलंका 93वें (40 देश), भूटान 86वें (48 देश) और नेपाल 97वें (35 देश) स्थान पर मौजूद हैं।

यूरोप के देशों का दबदबा

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की इस सूची में यूरोपीय देशों का सबसे बड़ा और मजबूत दबदबा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। इस रैंकिंग में जर्मनी, फ्रांस, इटली और जापान जैसे शक्तिशाली देशों का पासपोर्ट दुनिया में सबसे मजबूत और ताकतवर माना गया है। ये सभी प्रमुख और बड़े देश इस महत्वपूर्ण सूची के टॉप स्थानों पर अपना कब्जा जमाने में पूरी तरह से सफल साबित हुए हैं। दुनिया के कई बड़े और मजबूत देशों के नागरिकों को इन देशों के पासपोर्ट से सबसे ज्यादा बिना वीजा यात्रा करने की भारी सुविधा मिलती है।

पिछले दो दशकों का इतिहास

इतिहास पर नजर डालें तो साल 2006 में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग 71वें स्थान पर थी जो 2012 में गिरकर 82वें पर आ गई। इसके बाद 2015 में भारत की यह स्थिति और भी ज्यादा खराब होकर 88वें पायदान पर पहुंच गई थी जो बहुत निराशाजनक था। साल 2024 में भारत ने थोड़ा सुधार करते हुए 82वें स्थान के साथ कुल 62 देशों तक बिना वीजा आसान पहुंच जरूर बनाई थी। लेकिन कुल मिलाकर पिछले 10 सालों में भारत को केवल 4 नए देशों का ही शुद्ध लाभ अब तक मिल पाया है जबकि शीर्ष देशों ने 20 नए देश जोड़े हैं।

आर्थिक मजबूती और पासपोर्ट

इस नई और अहम वैश्विक रिपोर्ट से यह बात भी बहुत ही साफ हो गई है कि अर्थव्यवस्था का पासपोर्ट से कोई सीधा संबंध नहीं है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद इस सूची में पहले स्थान पर नहीं बल्कि 10वें स्थान पर खिसक गया है।

दुनिया के 35 से भी ज्यादा ऐसे छोटे देश मौजूद हैं जिनके पासपोर्ट अमेरिका के पासपोर्ट से कहीं ज्यादा शक्तिशाली और मजबूत हैं। चीन की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ रही है लेकिन फिर भी वह इस सूची के टॉप-50 शक्तिशाली देशों में अभी तक शामिल नहीं है।

आईटीए डेटा और रैंकिंग का आधार

पासपोर्ट की इस अहम वैश्विक रैंकिंग को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा का इस्तेमाल होता है। आईएटीए दुनिया भर के देशों के नागरिकों की यात्रा और वीजा संबंधी सभी नियमों का बहुत ही गहराई के साथ विस्तृत अध्ययन करता है।

इस अहम और बड़े अध्ययन के बाद ही यह तय किया जाता है कि किस देश का पासपोर्ट दुनिया में कितना ज्यादा शक्तिशाली है। दुनिया के सभी प्रमुख देश इस महत्वपूर्ण सूची में अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए लगातार कई अहम कूटनीतिक प्रयास हमेशा करते रहते हैं।

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