ग्लोबल स्लीप एटलस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, दक्षिण अफ्रीका और भारतीय लोगों की नींद सबसे अच्छी

Global Sleep Atlas: ग्लोबल स्लीप एटलस की रिपोर्ट ने दुनिया भर में लोगों की नींद के पैटर्न पर बड़ा खुलासा किया है। इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका पहले नंबर पर है, जबकि भारत पांचवें स्थान पर मौजूद हैं।
Sleep Champions: Global Sleep Atlas Report Shows South Africa, China And India Getting Most Sleep
ग्लोबल स्लीप एटलस की रिपोर्ट (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Global Sleep Atlas Report: दुनिया भर में दौड़ती-भागती जिंदगी और बढ़ते तनाव के कारण ज्यादातर लोगों की नींद पूरी तरह से गायब हो चुकी है। हम अक्सर सोचते हैं कि काम के भारी दबाव ने हमसे हमारी सुकून भरी रातें और गहरी नींद पूरी तरह से छीन ली है। लेकिन इस नई रिपोर्ट ने दुनिया भर में लोगों की नींद के पैटर्न और उनकी आदतों का एक बहुत ही व्यापक डेटाबेस सामने रखा है। इस रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि अच्छी नींद का सीधा संबंध सिर्फ पैसे से नहीं बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल से है।

इस लिस्ट में दुनिया के 62 देशों के लोगों की नींद के पैटर्न को बहुत ही बारीकी और गहराई के साथ ट्रैक किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अफ्रीका दुनिया का निर्विवाद चैंपियन बनकर उभरा है जहां के लोग अपनी दिनचर्या में सबसे ज्यादा सोते हैं। वहीं दूसरी ओर चीन और भारत जैसे घनी आबादी वाले देशों ने भी इस लिस्ट के टॉप-5 में अपनी मजबूत जगह पक्की कर ली है। यह अहम डेटा इस बात का सकारात्मक संकेत देता है कि अब लोग अपने काम के साथ-साथ अपनी सेहत और रिकवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका और चीन सबसे आगे

दक्षिण अफ्रीका के लोग हर रात औसतन 9 घंटे 13 मिनट की गहरी नींद लेते हैं और पहले नंबर पर हैं। वहीं मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मशहूर चीन ने सबको चौंकाते हुए इस सूची में दूसरा अहम स्थान हासिल किया है। चीन के लोग हर रात औसतन 9 घंटे 2 मिनट की सुकून भरी और गहरी नींद का पूरा आनंद ले रहे हैं। अमेरिका 8 घंटे 59 मिनट के साथ तीसरे स्थान पर है जबकि एस्टोनिया के लोग 8 घंटे 50 मिनट सोते हैं।

भारत का शानदार और बेहतरीन प्रदर्शन

भारतीयों ने इस ग्लोबल स्लीप लिस्ट में 8 घंटे 48 मिनट की औसत नींद के साथ पांचवां स्थान हासिल किया है। आम धारणा के विपरीत भारत और चीन जैसे देशों में लोग अब स्मार्ट वर्क और डीप स्लीप पर फोकस कर रहे हैं। काम और जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने के लिए भारतीय अपनी सेहत को लेकर काफी ज्यादा जागरूक हो गए हैं। नींद के मामले में भारत का टॉप-5 में शामिल होना देश के लिए एक बहुत ही सकारात्मक और सुखद संकेत है।

कुवैत में सबसे कम सोते हैं लोग

जहां एक तरफ दक्षिण अफ्रीका और भारत के लोग अच्छी नींद ले रहे हैं वहीं कुवैत की स्थिति बहुत खराब है। कुवैत दुनिया का सबसे कम सोने वाला देश बनकर उभरा है जहां लोग औसतन सिर्फ 6 घंटे 15 मिनट सोते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े देशों का हाल भी कुछ ऐसा ही है जहां लोग काम के भारी दबाव में हैं। इन देशों में बढ़ते लाइट पॉल्यूशन और नाइट लाइफ ने लोगों की रातों की सुकून भरी नींद पूरी तरह से हराम कर दी है।

कम नींद के गंभीर और खतरनाक नुकसान

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट बताती है कि कम सोना शरीर के लिए कई तरह की गंभीर बीमारियों को सीधा न्योता है। जो लोग 7 घंटे से कम सोते हैं उनमें डिप्रेशन और भयंकर एंजाइटी का खतरा कई गुना तक अधिक बढ़ जाता है। नींद की कमी से दिमाग में टॉक्सिन्स जमा होते हैं जो बुढ़ापे में भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया का मुख्य कारण बनते हैं। पर्याप्त नींद न लेना सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे जैसी खतरनाक बीमारियों से बहुत ही करीब से जुड़ा है।

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