अस्त्र मार्क 2, इमेज-सोशल मीडिया
Astra Mark-2 Range : भारतीय वायुसेना की आसमानी ताकत में जल्द ही एक ऐसा ‘ब्रह्मास्त्र’ जुड़ने जा रहा है, जो दुश्मन के विमानों को सीमा पार किए बिना धूल चटा देगा। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइल अस्त्र Mk2 की मारक क्षमता में जबरदस्त इजाफा किया है। अब यह मिसाइल 220 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना साध सकेगी, जो इसके पुराने डिजाइन से कहीं अधिक शक्तिशाली है। 2026 के अंत तक इस मिसाइल के बड़े पैमाने पर उत्पादन को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
अस्त्र Mk2 की रेंज बढ़ने के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जिनके पास 200 किमी से अधिक दूरी तक हवा में मार करने वाली मिसाइलें हैं। अब तक यह गौरव केवल अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के पास था। यह मिसाइल तकनीक के मामले में अमेरिका की अमराम और फ्रांस की मेटियोर जैसी घातक मिसाइलों को कड़ी टक्कर देगी। चीन की पीएल-15 और पीएल-17 जैसी मिसाइलों के जवाब में भारत के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी इसका डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर प्रोपल्शन सिस्टम है। यह तकनीक मिसाइल को उड़ान के दौरान दो चरणों में ऊर्जा देती है, जिससे यह आखिरी क्षणों में भी अत्यधिक तेज गति बनाए रखती है और दुश्मन के विमान को बचने का मौका नहीं देती। इसे सुखोई-30 MKI, मिग-29 और स्वदेशी तेजस Mk1A जैसे लड़ाकू विमानों के साथ जोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में राफेल लड़ाकू विमानों में भी इस स्वदेशी ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा।
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पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य चुनौतियों को देखते हुए अस्त्र मार्क 2 भारतीय वायुसेना के लिए बहुत बड़ा गेम चेंजर साबित होगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो वायुसेना इसके लिए करीब 500 यूनिट्स का बड़ा ऑर्डर दे सकती है, जो भारतीय इतिहास में हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर होगा। अब भारतीय पायलटों को दुश्मन को निशाना बनाने के लिए उनके करीब जाने की जरूरत नहीं होगी, वे दूर रहकर ही आसमान को सुरक्षित रख सकेंगे।