भारत-बांग्लादेश सीमा पर ड्रग्स-हथियारों के खिलाफ एक्शन मोड में अमित शाह, जागरूकता शिविर के निर्देश

India Bangladesh Border: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की आवाजाही को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
Amit Shah in action mode against drugs and weapons on India-Bangladesh border, directs awareness camp
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (सोर्स सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

India Bangladesh Border Security: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की आवाजाही को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने को कहा है।

अमित शाह ने शनिवार को अगरतला के निकट शालबागान स्थित बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर मुख्यालय में सीमा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए लोगों की भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है।

जिला प्रशासन से जोड़ने का भी आदेश

गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में पटवारी, स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के जवानों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। बैठक में अमित शाह ने यह भी निर्देश दिया कि गृह मंत्रालय के सीसीटीवी मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू किया जाए। उन्होंने बीएसएफ के सभी कैमरों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ने का भी आदेश दिया, जिससे निगरानी व्यवस्था और मजबूत हो सके।

भारत-बांग्लादेश सीमा की ओर स्थानांतरित

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और पार्टी द्वारा "दोहरे इंजन वाली सरकार" कहे जाने वाले गठन के बाद, जिसका अर्थ है कि भाजपा अब केंद्र और राज्य दोनों में सत्ता में है, ध्यान तेजी से पूर्वी भारत के सबसे राजनीतिक और रणनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों में से एक, भारत-बांग्लादेश सीमा की ओर स्थानांतरित हो गया है। सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, अवैध प्रवासन, तस्करी और बाड़बंदी में देरी जैसे मुद्दे वर्षों से राजनीतिक बयानबाजी का विषय बने हुए हैं। लेकिन अब भाजपा नेतृत्व के अनुसार, उनका इरादा नारों और दिखावटी बातों से आगे बढ़कर सीधे प्रशासनिक कार्रवाई करने का है।

व्यापक सीमा प्रबंधन पर चर्चा

बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग, और राज्य के सभी आठ सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। बैठक में राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ व्यापक सीमा प्रबंधन पर चर्चा हुई।

तकनीक से मजबूत होगी सीमा सुरक्षा

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल बाड़ लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट तकनीक और बीएसएफ के समन्वय से ही पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य सीमा सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सकता है।

भूमि रिकॉर्ड की भी जांच कराने का निर्देश

गृह मंत्री ने मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाने तथा इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सीमावर्ती जिलों में वित्तीय गतिविधियों, संदिग्ध लेन-देन, बड़ी इमारतों के निर्माण और संपत्ति की खरीद-बिक्री पर कड़ी नजर रखने को कहा। उन्होंने पिछले पांच वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की भी जांच कराने का निर्देश दिया।

सीमा सुरक्षा से भाजपा को बढ़त की उम्मीद

पार्टी का मानना ​​है कि यदि "डबल इंजन सरकार" सीमा सुरक्षा में स्पष्ट रूप से सुधार करने, घुसपैठ पर नियंत्रण करने और लंबे समय से लंबित बाड़ लगाने की परियोजनाओं को पूरा करने में सफल होती है, तो यह आने वाले वर्षों में पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीतिक स्थिति को काफी मजबूत कर सकती है।

कानूनी और भौगोलिक बाधाएं अनसुलझी

मई 2026 के अंत तक, वर्षों की देरी के बाद आखिरकार बाड़ लगाने का काम शुरू हो गया है। लेकिन लगभग 450 किलोमीटर का क्षेत्र अभी भी बिना बाड़ के है और कई कानूनी और भौगोलिक बाधाएं अनसुलझी हैं, यहां तक ​​कि सरकारी अधिकारी भी निजी तौर पर स्वीकार करते हैं कि पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक समय-सीमा से कहीं अधिक समय लगेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com