ओम बिरला के बाद ज्ञानेश कुमार की बारी...CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी, 200 प्लस सांसदों ने किए साइन

Indian Politics: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन के बाद 200 से ज्यादा सांसदों ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए एक नोटिस पर साइन किया है।
impeachment move against cec gyanesh kumar after om birla controversy 200 mps sign proposal
ज्ञानेश कुमार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

CEC Gyanesh Kumar: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन के बाद 200 से ज्यादा सांसदों ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए एक नोटिस पर साइन किया है। सोर्स के मुताबिक, लोकसभा के 130 सांसदों और राज्यसभा के 63 सांसदों ने नोटिस पर साइन किया है। यह नोटिस शुक्रवार को संसद के किसी भी सदन में पेश किए जाने की उम्मीद है।

एक विपक्षी नेता ने कहा कि सांसदों नोटिस को लेकर उत्साहित थे और कई ने ज़रूरी संख्या पूरी होने के बाद भी साइन किए। नियमों के मुताबिक, चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाने के नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के साइन होने चाहिए।

'आप' सांसदों ने भी किए हस्ताक्षर

सूत्रों के मुताबिक विपक्षी गठबंधन, 'इंडिया' गठबंधन की सभी पार्टियों के सांसदों ने भी नोटिस पर साइन किया है, साथ ही 'आप' सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि पार्टी अब ऑफिशियली गठबंधन का हिस्सा नहीं है। यह पहली बार है जब चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाने के लिए ऐसा नोटिस दिया गया है।

CEC पर लगाए गए कौन से आरोप?

एक बड़े सोर्स के मुताबिक नोटिस में चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ सात आरोप हैं, जिनमें-ऑफिस में रहते हुए पार्टी का और भेदभाव वाला बर्ताव, जानबूझकर चुनावी धोखाधड़ी की जांच में रुकावट डालना और वोटर्स को बड़े पैमाने पर वोटरों के वोट से दूर करना शामिल हैं।

अपोजिशन पार्टियों ने बार-बार चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार पर रूलिंग भारतीय जनता पार्टी की मदद करने का आरोप लगाया है, खासकर वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के मामले में। उनका आरोप है कि यह प्रोसेस सिर्फ सेंटर में रूलिंग पार्टी को फायदा पहुंचाने के मकसद से किया जा रहा है। SIR प्रोसेस को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने इलेक्शन कमीशन पर असली वोटर्स के नाम हटाने का आरोप लगाया है।

क्या है CEC को हटाने की प्रक्रिया?

चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाने का प्रोसेस महाभियोग है जो सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज को हटाने के लिए इस्तेमाल होने प्रक्रिया के जैसा ही है। महाभियोग सिर्फ साबित गलत काम या अकर्मण्यता के आधार पर लाया जा सकता है। CEC को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है और इसे पास होने के लिए विशेष बहुमत की ज़रूरत होती है। सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com