बंगाल में वोटिंग खत्म होते ही I-PAC डायरेक्टर को मिली बेल, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने किया था गिरफ्तार

Vinesh Chandel Bail: कोर्ट ने जांच अधिकारी हवाला देते हुए कहा कि विनेश चंदेल ने जांच में सहयोग किया। ऐसे में ईडी के अधिकारों और दलीलों को प्रभावित किए बिना एजेंसी जमानत अर्जी का विरोध नहीं कर रही है।
vinesh chandel got bail in money laundering case
विनेश चंदेल, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Vinesh Chandel Bail From Court: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आज गुरुवार, (30 अप्रैल) को I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को जमानत दे दी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध नहीं किया। गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद ही चंदेल को बेल मिली है।

कोर्ट ने जांच अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि विनेश चंदेल ने जांच में पूरी तरह से सहयोग किया। ऐसे में ईडी के अधिकारों और दलीलों को प्रभावित किए बिना एजेंसी जमानत अर्जी का विरोध नहीं कर रही है।

चंदेल के सामने ED की शर्तें

हालांकि, ईडी ने जमानत देते समय कुछ शर्तें लगाने की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने बेल देते हुए कहा कि चंदेल सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे। वह जांच में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही सभी जानकारियां साझा कराते हुए जांच एजेंसियों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विनेश चंदेल को प्रवर्तन निदेशालय ने बंगाल चुनाव के बीच विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था। पिछली सुनवाई में पाटियाला हाउस कोर्ट ने चंदेल की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान विनेश चंदेल की जमानत का ईडी ने विरोध नहीं किया और फिर कोर्ट ने उन्हें बेल की इजाजत दे दी।

कौन हैं विनेश चंदेल?

विनेश चंदेल चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिए यह कंपनी चुनावी रणनीति बना रही थी। गौरतलब है कि चुनाव की घोषणा से पहले कंपनी के कोलकाता स्थिति दफ्तर में ईडी ने छापेमारी की थी, जहां खुद सीएम ममता पहुंचकर जांच को रोकने की कोशिश की थीं।

ममता और ईडी विवाद

ईडी ने सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि वह बंगाल पुलिस के साथ मिलकर एजेंसी की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की थीं। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से यह भी कहा गया था कि कार्रवाई के दौरान सीएम ममता बनर्जी कई जरूरी दस्तावेज लेकर अपने साथ लेकर चली गईं थी। वहीं, टीएमसी और ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ईडी के जरिए हमारी पार्टी की चुनावी रणनीति को चुराने की कोशिश कर रही है।

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