Shaina NC का तीखा प्रहार, ममता बनर्जी को टाटा-बाय-बाय कहने का समय आ गया है, उद्धव सेना और AAP पर भी बोला हमला

Shaina NC Attacks Mamata: शिवसेना नेता Shaina NC ने ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग पर पलटवार किया और संदेशखाली, मीरा-भायंदर कांड एवं दल-बदल कानून पर विपक्ष को घेरा। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
Shaina NC Launches a Sharp Attack: The Time Has Come to Say 'Tata-Bye-Bye' to Mamata Banerjee; Also Takes Aim at the Uddhav Sena and AAP.
शाइना एनसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Shaina NC Shiv Sena:  शिवसेना की फायरब्रांड नेता शाइना एनसी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव से लेकर महाराष्ट्र की स्थानीय घटनाओं और राष्ट्रीय राजनीति पर कई विस्फोटक बयान दिए हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC), उद्धव ठाकरे गुट और आम आदमी पार्टी (AAP) को आड़े हाथों लेते हुए उनकी राजनीतिक रणनीति पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

TMC को जवाब

TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या ममता बनर्जी के जीतने पर पीएम मोदी इस्तीफा देंगे, शाइना एनसी ने इसे 'बकवास' करार दिया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री की लोकप्रियता किसी एक राज्य से तय नहीं होती, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे से होती है। अगर इसी तर्क को माना जाए, तो क्या ममता बनर्जी हारने के बाद राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगी? बंगाल की जनता का संदेश साफ है TMC और ममता बनर्जी को सी यू, टाटा, गुडबाय कहने का वक्त आ गया है। उन्होंने आगे कहा कि TMC सरकार संदेशखाली जैसी घटनाओं में महिलाओं की सुरक्षा करने और घुसपैठियों को रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

जुबैर अंसारी का पर्दाफाश जरूरी

महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर में हुई चाकूबाजी की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए शाइना एनसी ने आरोपी जुबैर अंसारी की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह जानना बेहद जरूरी है कि जुबैर अंसारी कौन है और उसका असली एजेंडा क्या है। वह खुद को साइंस ग्रेजुएट बताता है, लेकिन उसकी हरकतें समाज के लिए खतरनाक हैं। ऐसे तत्वों का पर्दाफाश होना समाज की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

उद्धव गुट और AAP पर कटाक्ष

उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर हमला बोलते हुए शाइना ने कहा कि 'उद्धव सेना' अब पूरी तरह जड़ से उखड़ चुकी है और उसका भविष्य खत्म हो गया है। दल-बदल विरोधी कानून (Anti-defection law) का जिक्र करते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह सहित AAP के सात सांसदों का कदम संवैधानिक प्रावधानों के तहत है। जब दो-तिहाई बहुमत के साथ कोई फैसला लिया जाता है, तो वह संवैधानिक रूप से मान्य होता है और इसमें किसी की सहमति की आवश्यकता नहीं रहती।

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