फैसल रहमान व सोफिया फिरदौस (डिजाइन फोटो)
Rajya Sabha Elections: ओडिशा और बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के पीछे दूसरे दलों के विधायकों ने अहम भूमिका निभाई है। ओडिशा की बाराबती-कटक सीट से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस और बिहार की ढाका सीट से राजद विधायक फैसल रहमान ने बीजेपी उम्मीदवारों को विजयी बना दिया।
बिहार में कांग्रेस के तीन विधायक वोटिंग के दौरान ‘गायब’ रहे, जबकि ओडिशा में तीन कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा फैसल रहमान और सोफिया फिरदौस की हो रही है। इस बड़ी चर्चा के पीछे की वजह उनका मुस्लिम समुदाय से होना है।
बिहार में एनडीए के पास 38 वोट थे। जबकि विपक्षी महागठबंधन के पास 35 विधायक थे। तेजस्वी यादव ने AIMIM के पांच विधायकों और बसपा के एक विधायक को अपने पाले में कर लिया। जिसके चलते महागठबंधन के पास 41 का आंकड़ा हो गया था। पांचवें उम्मीदवार के तौर पर महागबंधन उम्मीदवार AD सिंह की जीत पक्की मानी जा रही थी।
लेकिन विधानसभा में वोटिंग के दौरान तीन कांग्रेस विधायक और एक आरजेडी विधायक वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे। जिसके बाद AD सिंह के समर्थन में कुल 37 वोट पड़े, जबकि बीजेपी उम्मीदवार शिवेश राम को 38 वोट मिल गए और वो राज्यसभा जाने में कामयाब हो गए।
अब कहा यह जा रहा है कि कांग्रेस के तीन विधायक नहीं पहुंचे थे ऐसे में अगर फैसल रहमान पहुंच जाते तो भी मुकाबला बराबरी पर रुक जाता और AD सिंह चुनाव हारने से बच जाते। फैसल की चर्चा इस वजह से भी हैं, क्योंकि राजनैतिक गलियारों में यह धारणा आम है कि मुस्लिम भाजपा का समर्थन नहीं करते और यहां तो मामला विपक्ष का भी था।
दूसरी तरफ ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए सोमवार को हुई वोटिंग में सबसे ज्यादा चर्चा रही सोफिया फिरदौस की। सोफिया ने कांग्रेस की लाइन के उलट उन्होंने बीजेपी के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने दो दिन पहले ही पार्टी के साझा उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उन्हें इस फैसले में शामिल नहीं किया गया।
सोफिया फिरदौस का जन्म 23 अगस्त, 1991 को कटक में हुआ था और वह ओडिशा में बाराबती-कटक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली कांग्रेस विधायक हैं। वह ओडिया मुस्लिम समुदाय से आने वाली पहली महिला विधायक हैं। सोफिया के पिता, मोहम्मद मोकीम भी पहले इसी सीट से विधायक रह चुके हैं।
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2019–2024 के दौरान धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के कारण ओडिशा हाई कोर्ट ने मोहम्मद मोकीम की विधायी सदस्यता रद्द कर दी थी, जिसके चलते कांग्रेस पार्टी ने 2024 के चुनावों में उनकी जगह सोफिया को मैदान में उतारा। इस बार, उनके इस फैसले ने राज्यसभा चुनावों का पूरा परिदृश्य ही बदल दिया और राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी।