हिमाचल में भयंकर बारिश का अलर्ट, लैंडस्लाइड से NH-21 प्रभावित, 97 सड़कें भी बंद, 787 करोड़ रुपये का नुकसान
हिमाचल प्रदेश के भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। लैंडस्लाइड होने से NH-21 प्रभावित हुआ है। वहीं प्रदेश की 97 सड़कें अभी भी बंद हैं। IMD ने कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
(डिज़ाइन फोटो)
नई दिल्ली: जहां इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी बारिश का कहर अपने उफान पर है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश में भी बीते गुरुवार को भारी बारिश हुई है।यहां कुछ स्थानों पर भयंकर वर्षा व लैंडस्लाइड के कारण काफी 13 मकानों व 17 गौशालाओं को नुकसान हुआ है।
राज्य में अभी तक बरसात के दौरान 802.26 करोड़ का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में 97 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। लैंडस्लाइड के कारण मंडी से कुल्लू जाने वाला NH-21 अवरुद्ध हो गया है. यहां विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश के चलते अभी 97 सड़कें, 45 बिजली ट्रांसफार्मर और 25 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।
यहां पढ़ें – सिक्किम में भूकंप के झटके से हिली धरती, बिहार से पश्चिम बंगाल तक महसूस किए गए झटके
सम्बंधित ख़बरें
हिमाचल को बड़ी रेल सौगात! ऊना से कोलकाता तक सीधी ट्रेन शुरू, अनुराग ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी
हिमाचल प्रदेश में भूकंप के तेज झटके, कांगड़ा सहित कई जिलों में 4.8 तीव्रता से कांपी धरती
Pahadi Food: पहाड़ों की सैर पर जा रहे हैं, तो सिड्डू के साथ इन पारंपरिक व्यंजनों का भी लुत्फ उठाएं
हिमाचल में कांग्रेस का सूपड़ा साफ! 4 में से 3 नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा, कांग्रेस की करारी शिकस्त
यहां कई क्षेत्रों में आज भी भारी बारिश के आसार हैं। IMD ने भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही आगामी 14 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। मंडी में नौ मील के पास पहाड़ी से मलबा आने पर चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे भी बीते बुधवार रात से करीब 9 घंटे बंद रहा।
जानकारी दें कि IMD ने हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों पर सप्ताहांत में गरज-चमक और आंधी के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। राज्य में मॉनसून की सक्रियता के बीच सिरमौर, चंबा, शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर के बाढ़ के खतरे की भी चेतावनी दी है।
बीते बुधवार शाम साढ़े पांच बजे के बाद से शिलारू में सबसे अधिक 86.4 मिली बारिश दर्ज की गई, इसके बाद बग्गी में 76.6 मिमी, सुंदरनगर में 64.2 मिमी, मंडी में 60.2 मिमी, गोहर में 57.4 मिमी, जोगिंदरनगर में 53 मिमी, पंडोह में 50 मिमी, पालमपुर में 48.8 मिमी, धर्मशाला में 38 मिमी, कुफरी में 24 मिमी, कांगड़ा में 22.6 मिमी, धौलाकुआं में 22 मिमी, नारकंडा में 20 मिमी और मनाली में 15 मिमी बारिश हुई।
यहां पढ़ें – मनीष सिसोदिया की आज खत्म होगी न्यायिक हिरासत! जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला
हिमाचल में बीते 1 जून से 8 अगस्त तक मॉनसून अविध में वर्षा में 29 % की कमी दर्ज की गई। इस अवधि के दौरान राज्य में 307.9 मिमी वर्षा हुई, जबकि औसतन 435.5 मिमी बारिश होती है। हालांकि, अगस्त की शुरुआत से ही लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में इस माह में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। अगस्त में अब तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्षा 78.5 मिमी की तुलना में 80.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
राज्य में बीते बुधवार से हो रही बारिश के कारण मंडी में 37, शिमला में 29, कुल्लू में 26, कांगड़ा में छह, किन्नौर और लाहौल एवं स्पीति में चार-चार, सिरमौर में दो और हमीरपुर जिले में एक सड़क समेत कुल 97 सड़कें बंद हैं।
प्रदेश में 58 बिजली और 15 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं. IMD ने कुछ स्थानों पर लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ आने की आशंका के साथ तेज हवाओं और निचले इलाकों में जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी है।वहीं राज्य में 27 जून से बीते 7 अगस्त तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 94 लोगों की मौत हो गई और राज्य को लगभग 787 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
