भारत सरकार का बयान देश में पेट्रोल, डीजल और खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Middle East Conflict Impact On India: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और खाद की कोई कमी नहीं होगी। सरकार ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर आम जनता पर न पड़े। गृह और विदेश मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण पेश किया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को बताया कि देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह पर्याप्त है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे घबराहट में आकर खरीदारी (panic buying) न करें क्योंकि रिटेल आउटलेट्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। भारत सरकार विभिन्न स्तरों पर आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में ईंधन की किल्लत न हो।
घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की दर से उत्पाद शुल्क कम किया है। इसके साथ ही देश के भीतर डीजल की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क यानी एक्सपोर्ट लेवी भी लगाई गई है। इन उपायों का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से भारतीय उपभोक्ताओं को बचाना है।
प्राकृतिक गैस के मामले में घरेलू उपभोक्ताओं और सीएनजी परिवहन के लिए शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है जो एक बड़ी राहत है। रविवार को ही देश भर में कुल एक करोड़ चार लाख सिलेंडरों की बुकिंग हुई थी जिसमें से 92 लाख सिलेंडर डिलीवर किए गए। जो राज्य केरोसिन मुक्त घोषित हो चुके थे वहां भी जरूरत पड़ने पर केरोसिन उपलब्ध कराने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
पत्तन और पोत परिवहन मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में 18 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में सुरक्षित रूप से अपना संचालन कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों में दो बड़े एलपीजी वाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर कुल 94,000 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में निर्बाध समुद्री संचालन और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सुरक्षात्मक कदम उठा रही है।
उर्वरक मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत के पास अभी 180 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडार है। पिछले साल इसी समय यह स्टॉक 147 लाख मीट्रिक टन था जो इस बार की बेहतर स्थिति और तैयारी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। मई-जून के दौरान जब खाद की मांग कम होती है तब सरकार इस स्टॉक को और अधिक मजबूत करने पर ध्यान देगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक मध्य पूर्व के विभिन्न देशों से लगभग 5.50 लाख भारतीय नागरिकों को वापस लाया गया है। हालांकि कुवैत में एक बिजली स्टेशन पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु की पुष्टि की गई है। सरकार वहां फंसे अन्य भारतीयों की सुरक्षा के लिए लगातार संबंधित देशों के दूतावासों और अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है।