
इंदौर के बाद गुजरात के गांधीनगर में जहरीले पानी का कहर (फोटो- सोशल मीडिया)
Gandhinagar Water Contamination Latest News: अभी मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कहर से लोगों के आंसू सूखे भी नहीं थे कि गुजरात के दरवाजे पर भी खतरे ने दस्तक दे दी है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में अचानक टाइफाइड का ऐसा प्रकोप फैला है कि प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। यहां के अस्पतालों में अचानक मरीजों की भीड़ लग गई है और 100 से ज्यादा लोग जिंदगी और बीमारी के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रशासन ने तुरंत पानी उबालकर पीने की चेतावनी जारी कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साफ पानी की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांधीनगर में पिछले तीन दिनों के भीतर बीमारी ने विकराल रूप ले लिया है। पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट बताती है कि सिविल अस्पताल में अब तक 104 संदिग्ध मरीजों को भर्ती कराया गया है, जिसमें सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख ने पुष्टि की है कि गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26 और 28 के साथ-साथ आदिवाड़ा क्षेत्र के लोग इस दूषित पानी का शिकार हुए हैं। जब इन इलाकों के पानी के सैंपल जांचे गए तो रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया, क्योंकि पीने का पानी पूरी तरह असुरक्षित पाया गया।
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने जानकारी दी कि अमित शाह ने जिलाधिकारी से फोन पर तीन बार बात करके हालात का जायजा लिया है। हर्ष संघवी ने खुद अस्पताल का दौरा किया और बताया कि मरीजों के इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम तैनात की गई है। साथ ही भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं का भी पूरा इंतजाम किया गया है, ताकि इलाज में कोई कमी न रहे। प्रशासन निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है।
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यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब पड़ोसी राज्य के इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान जा चुकी है। वहां भागीरथपुरा इलाके में हुई मौतों को लेकर माहौल काफी गर्म है और स्थानीय लोग काफी गुस्से में हैं। इंदौर की घटना से सबक लेते हुए गुजरात प्रशासन कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे शुरू कर दिया है और क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं। लोगों को सख्त सलाह दी गई है कि वे केवल घर का बना खाना खाएं और पानी उबालकर ही पिएं, ताकि इस बीमारी को और फैलने से रोका जा सके।






