UP के टॉप 10 गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, योगी सरकार ने जारी की लिस्ट, टॉप पर है सुल्तानपुर का ये इंस्टीट्यूट

Top Government Engineering Colleges: त्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग जारी की, जिसमें कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर पहले स्थान पर है।
The Yogi government has released a list of the top 10 government engineering colleges in Uttar Pradesh
कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर (Image- Social Media)
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Top 10 Government Engineering Colleges of UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली बार राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग जारी की है। यह रैंकिंग स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (SIRF) के तहत तैयार की गई है और इसे केंद्र सरकार की नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की तर्ज पर बनाया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और बेहतर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।

टॉप 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (SIRF रैंकिंग 2026)

1- कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर – 234 अंक

2- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आजमगढ़ – 206 अंक

3- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कन्नौज – 202 अंक

4- बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, झांसी – 200 अंक

5- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, अंबेडकरनगर – 197 अंक

6- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सोनभद्र – 196 अंक

7- मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा – 184 अंक

8- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बांदा – 181 अंक

9- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी – 180 अंक

10- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बिजनौर – 161 अंक

नए कॉलेज ने बनाई जगह

तीन साल पहले खोला गया मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा ने नए कॉलेजों में पहला स्थान प्राप्त किया। इसने 300 में से 184 अंक हासिल किए और कई पुराने कॉलेजों को पीछे छोड़ दिया।

कैसे होता है एडमिशन?

उत्तर प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में BTech कोर्स में दाखिला मुख्य रूप से JEE Main के स्कोर के आधार पर होता है। इसके बाद UPTAC काउंसलिंग के जरिए सीटें अलॉट की जाती हैं। यह प्रक्रिया डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU), लखनऊ द्वारा संचालित की जाती है।

किस आधार पर हुई रैंकिंग?

कॉलेजों को 10 प्रमुख मानकों पर परखा गया:

  • कैंपस और प्लेसमेंट – 40 अंक
  • स्टार्टअप और इनोवेशन – 40 अंक
  • फैकल्टी क्वालिटी – 35 अंक
  • इंफ्रास्ट्रक्चर – 35 अंक
  • लैब और प्रैक्टिकल – 35 अंक
  • रिसर्च और प्रोजेक्ट – 35 अंक
  • डिग्री परिणाम – 30 अंक
  • एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटी – 20 अंक
  • वर्कशॉप और सेमिनार – 20 अंक
  • एग्जाम सिस्टम – 10 अंक

 गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान

तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने कहा कि SIRF, NIRF की ओर बढ़ने का पहला कदम है। सरकार अब नए कॉलेज खोलने से ज्यादा पुराने कॉलेजों की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देगी। जिन कॉलेजों को कम अंक मिले हैं, उन्हें सुधार के लिए विशेष सहायता दी जाएगी।

राज्य सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों को बेहतर संस्थान चुनने में मदद करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह कॉलेजों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ाएगी।

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