'सही समय पर आपत्ति...', राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप पर इलेक्शन कमीशन का जवाब, जानें क्या कहा?

Election Commission: कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाते हुए हमले कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने इस पर जवाब दिया है।
'सही समय पर आपत्ति...', राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप पर इलेक्शन कमीशन का जवाब, जानें क्या कहा?
इलेक्शन कमीशन (Image- Social Media)
Published on
Updated on

Bihar Assembly Election 2025: कुछ दलों ने त्रुटियों को चिह्नित करने के लिए उचित समय पर मतदाता सूचियों की जांच नहीं की: आयोग नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) मतदाता आंकड़ों में हेराफेरी के विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देते हुए निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ राजनीतिक दलों ने चुनाव मशीनरी को त्रुटियां बताने के लिए ‘‘उचित समय'' पर मतदाता सूची की जांच नहीं की।

आयोग ने यह भी कहा कि वह अपने अधिकारियों को खामियों को दूर करने में मदद करने के लिए दस्तावेज की जांच का स्वागत करता है। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियां उठाने का समय, पार्टियों के लिए खामियों को चिह्नित करने का उपयुक्त समय है।

क्या कहा चुनाव आयोग ने?

चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि, "ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) ने उचित समय पर मतदाता सूचियों की जांच नहीं की और यदि कोई त्रुटि थी तो उसे इंगित नहीं किया...।" निर्वाचन आयोग ने आगे कहा कि हाल में कुछ राजनीतिक दलों और व्यक्तियों ने मतदाता सूचियों में त्रुटियों के बारे में मुद्दे उठाए थे, जिनमें पूर्व में तैयार की गई मतदाता सूचियां भी शामिल थीं।

मुद्दा उठाने का उपयुक्त समय होता है

इलेक्शन कमीशन ने अपने बयान में कहा कि मतदाता सूची से संबंधित कोई भी मुद्दा उठाने का उपयुक्त समय "दावे और आपत्तियां" अवधि के दौरान होता। निर्वाचन आयोग ने आगे कहा कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के साथ मतदाता सूची साझा करने के पीछे यही उद्देश्य है। अगर ये मुद्दे सही समय पर सही माध्यम से उठाए गए होते, तो संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को चुनावों से पहले, अगर वे गलतियां वास्तविक होतीं, तो उन्हें सुधारने में मदद मिलती।

चुनाव आयोग ने कहा कि वो राजनीतिक दलों और किसी भी मतदाता द्वारा मतदाता सूचियों की जांच का स्वागत करता है। बयान में कहा गया कि इससे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को त्रुटियों को दूर करने और मतदाता सूचियों को शुद्ध करने में मदद मिलेगी, जो हमेशा से निर्वाचन आयोग का उद्देश्य रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com