कल होगा बिहार चुनाव का ऐलान? EC की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बढ़ी सियासी हलचल

Bihar Politics: देश में सियासी माहौल गरमा गया है क्योंकि निर्वाचन आयोग ने 17 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। चुनाव आयोग कल बिहार चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है।
कल होगा बिहार चुनाव का ऐलान? EC की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बढ़ी सियासी हलचल
फाइल फोटो (Image- Social Media)
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Bihar Assembly Election 2025: देश में इस समय मतदाता सूची को लेकर सियासी पारा हाई है। जहां एक तरफ बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस, सपा सहित तमाम विपक्षी पार्टियां बीजेपी और निर्वाचन आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच इलेक्शन कमीशन ने अचानक 17 अगस्त को दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का ऐलान किया की है। ये प्रेस वार्ता राष्ट्रीय मीडिया सेंटर, नई दिल्ली में होगी।

चुनाव आयोग के महानिदेशक (मीडिया) के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली में राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में आयोजित की जाएगी। हालांकि किस संबंध में ये प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है, इसको लेकर आयोग ने अभी कोई अपडेट नहीं दिया है।

बिहार चुनाव का ऐलान?

ऐसा माना जा रहा था कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देने के लिए की जा रही है। लेकिन चुनाव आयोग ने इससे पहले ही विपक्ष के आरोपों पर जवाब दे दिया है, इससे कयासों का बाजार गर्म हो गया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है।

वोट चोरी पर विपक्ष के आरोप

राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी दलों के नेताओं का आरोप है लोकसभा चुनाव 2024 और 2019 में इलेक्शन कमीशन ने कई योग्य वोटरों का नाम लिस्ट से काट दिया तथा फर्जी लोगों के नाम जोड़े गए। उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर धांधली करने का आरोप लगाया है।

चुनाव आयोग का विपक्ष को जवाब

बता दें कि आज यानी शनिवार को चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया है। भारतीय चुनाव आयोग ने कहा कि हाल ही में, कुछ राजनीतिक दल और व्यक्ति मतदाता सूचियों में त्रुटियों के बारे में मुद्दे उठा रहे हैं, जिनमें पूर्व में तैयार की गई त्रुटियां भी शामिल हैं। आयोग ने कहा कि मतदाता सूचियों से संबंधित कोई भी मुद्दा उठाने का उपयुक्त समय उस चरण के दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान होता, जो कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के साथ वोटर लिस्ट साझा करने के पीछे का उद्देश्य है।

आयोग का कहना है कि यदि यह मुद्दे सही वक्त पर सही माध्यमों से उठाए गए होते, तो संबंधित SDM ERO को चुनावों से पहले, यदि वे वास्तविक होतीं, तो गलतियों को सुधारने में सक्षम बनाया जा सकता था।

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