

Tamil Nadu Edappadi Palaniswami On CM Vijay Government: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार ने भी अनमोल मानव जीवन की कीमत लगाई है।और पूर्ववर्ती डीएमके सरकार की तरह ही वर्तमान शासन में भी हिरासत में मौतों और कथित दमनकारी रवैये के मामले सामने आ रहे हैं।
पलानीस्वामी ने नागरकोइल जेल में एक दिव्यांग कैदी की मौत और चेन्नई की पुझल जेल में एक विचाराधीन कैदी की कथित हिरासत में मौत का उल्लेख करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को केवल आर्थिक सहायता देकर न्याय की मांग को दबाया नहीं जा सकता। करूर भगदड़ त्रासदी का जिक्र करते हुए भी उन्होंने कहा कि मुआवजा या सरकारी नौकरी किसी की जान की भरपाई नहीं कर सकती। मुख्यमंत्री विजय पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य का प्रशासन चलाना फिल्मों में अभिनय करने जैसा नहीं है, बल्कि इसके साथ जवाबदेही और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ने डीएमके के पांच साल के शासन के अंत को 'प्रशासनिक रूप से अक्षम सरकार' का अंत मान लिया था, लेकिन उनका दावा है कि वर्तमान टीवीके सरकार ने उन्हीं प्रथाओं को जारी रखा है, जिससे जनता में निराशा है। पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि डीएमके शासनकाल के दौरान कई हिरासत में मौतें और मुठभेड़ हत्याएं हुईं, जिनमें मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजीत कुमार, विग्नेश और आर्मस्ट्रांग हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों की हत्याएं शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक तौर पर आरोप हैं कि ये कार्रवाइयां बड़े आपराधिक मामलों में शामिल प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए की गई थीं।
उन्होंने आगे कहा कि टीवीके के सत्ता में आने के बाद लोगों को बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार के तहत भी 'तानाशाही तौर-तरीके' जारी हैं। उनके अनुसार, लोग एक दमनकारी शासन से बच निकले, लेकिन अब दूसरे के चंगुल में फंस गए हैं।
नागरकोइल जेल में हाल ही में एक दिव्यांग कैदी की मौत का जिक्र करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि कैदी को जेल अधिकारियों ने यातना देकर मार डाला और पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्रियों ने मुआवजे की पेशकश करके परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने कथित तौर पर सरकार द्वारा घोषित वित्तीय सहायता और राहत दोनों को अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने चेन्नई की पुझल जेल में विचाराधीन कैदी की हिरासत में हुई एक अन्य मौत की खबरों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पीड़ित के रिश्तेदार भी इसी तरह विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग कर रहे हैं।
एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने सरकार की इस कथित सोच की आलोचना की कि आर्थिक मुआवजा शोक संतप्त परिवारों को चुप करा सकता है और ऐसे रवैये को अस्वीकार्य बताया। करूर भीड़ भगदड़ त्रासदी का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवार के कुछ सदस्यों को सरकारी नौकरी देना जानमाल के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री विजय की तीखी आलोचना करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य चलाना फिल्मों में अभिनय करने जैसा नहीं है, जहां अभिनेता को फिल्म की सफलता या असफलता की परवाह किए बिना भुगतान मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से शासन के साथ आने वाली जिम्मेदारी को समझने का आग्रह किया।
पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने अपने बयान का समापन करते हुए पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं से प्रभावित होकर बदलाव के लिए मतदान करने वाले लोग निराश न हों, भले ही उनकी सभी अपेक्षाएं पूरी न हो सकें।