

ECI Releases Schedule By-Polls: देश के 10 राज्यों की 26 राज्यसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान हुआ है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी राज्यसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है। दोनों सीटें नेताओं के पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई हैं। साथ ही 10 राज्यों में राज्यसभा के 24 सदस्यों के जून-जुलाई में समाप्त होने वाले कार्यकाल की सभी सीटों के लिए भी आयोग ने चुनाव की तारीखें घोषित की हैं। ECI ने ऐलान किया कि महाराष्ट्र और तमिलनाडु की 2 सीटों पर 18 जून को उपचुनाव कराए जाएंगे।
महाराष्ट्र में सुनेत्रा पवार और तमिलनाडु में सीवी शनमुगम के इस्तीफा देने के बाद राज्सयभा सीट खाली हो गई है। सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। उनका कार्यकाल 4 जुलाई 2028 तक था, लेकिन विधायक बनने के बाद उन्होंने 6 मई को पद से इस्तीफा दिया था।
वहीं, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIDMK) नेता सीवी शनमुगम ने 7 मई को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मैलाम क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया। उनका यह कार्यकाल 29 जून 2028 को समाप्त होना था।
फिलहाल, निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा की है। आयोग के अनुसार, 18 जून को सुबह 8 बजे से 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
इसके अलावा भारतीय निर्वाचन आयोग ने जून-जुलाई में रिटायर होने वाले सदस्यों की सीटों को भरने के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों की भी घोषणा की है। 10 राज्यों में राज्यसभा के 24 सदस्यों का कार्यकाल जून-जुलाई में समाप्त होने वाला है। इन सभी 24 सीटों के लिए आयोग ने चुनाव की तारीखें घोषित की हैं।
इस दौरान कार्यकाल पूरा करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जीडीएस सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा, अरुणाचल प्रदेश से नबाम रेबिया का नाम भी शामिल हैं।
18 जून को द्विवार्षिक चुनावों के लिए मतदान होगा और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार, 1 जून को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 8 जून नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख रखी गई है।
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात में चार-चार सीटों पर चुनाव होंगे। मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन और झारखंड में दो, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम मणिपुर और मेघालय में एक-एक सीट पर चुनाव की घोषणा की गई है। आयोग ने निर्देश दिया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करके चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी के लिए पर्याप्त उपाय किए जाएंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)