डिंपल यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dimple Yadav Statement On LPG Shortage: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने एलपीजी संकट को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ईरान हमारा कई दशकों से दोस्त रहा है लेकिन फिर भी सरकार ने ईरान का कोई स्टैंड नहीं लिया। डिपंल ने आगे कहा कि इस वजह से ही हमारे देश में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है। मैनपुरी से सांसद डिपल यादव ने एलपीजी की कमी की बात उस समय उठाई है।जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट पर चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट के समय को भारत के लिए चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध की वजह से तेल-गैस की आपूर्ति और व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं और पीएम मोदी लोकसभा में भी युद्ध संकट को लेकर संबोधित कर चुके हैं।
मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान हमारा हमेशा से और दशकों से मित्र रहा है। ईरान के साथ जो व्यवहार रहा है उसकी वजह से ही हमें एलपीजी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। महीने भर की बुकिंग के बाद भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। अब सर्वदलीय बैठक में हम देखेंगे कि सरकार अपना क्या पक्ष रखती है।
मीडिया ने जब डिंपल यादव से महिला आरक्षण को लेकर सवाल किया तब उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों की सरकार से मांग है कि हमें बताया जाए कि आखिर आपका एजेंडा क्या है। अगर हमें जानकारी ही नहीं होगी तो हम क्या राय देंगे? अब मीटिंग में देखते हैं कि सरकार बताती है और उसके बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी।
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दरअसल, इससे पहले भी डिंपल यादव केंद्र सरकार पर निशाना साध चुकी हैं। उस वक्त भी उन्होंने एलपीजी का मुद्दा मीडिया और जनता के सामने उठाया था। उन्होंने कहा था कि यह सरकार इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है कि लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। लोग महंगाई का सामना कर रहे हैं और सरकार की कोई तैयारी नहीं है। सरकार की विदेश नीति कैसी है कि जो अमेरिका के सामने नतमस्तक है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के बीच प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च 2026 को राज्यसभा में पूरी दुनिया को शांति और संवाद का संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और कूटनीति के जरिए शांति ही एकमात्र रास्ता है। भारत ने इस दौरान युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी के लिए प्रतिबद्धता जताई है