

नई दिल्ली: मंगलवार शाम दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अचानक गुरु तेग बहादुर (GTB)अस्पताल पहुंचीं और वहां के हालात देखकर हैरान रह गईं। अस्पताल के गोदाम में कोरोना काल के दौरान खरीदा गया करोड़ों का मेडिकल सामान पड़ा सड़ रहा था। CM गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों को डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है और इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
छापेमारी के दौरान 166 वेंटिलेटर, 36,000 पीपीई किट, 458 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और अन्य मेडिकल उपकरण बेकार पड़े मिले। उन्होंने कहा कि "यह हाल सिर्फ GTB अस्पताल का नहीं, बल्कि दिल्ली के कई अस्पतालों का है।" उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि "जो लोग 2500 करोड़ की मांग कर रहे हैं, उन्हें देखना चाहिए कि उन्होंने दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल कर दिया है!"
यहां देखें दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता का पूरा बयान
CM गुप्ता ने बताया कि कोरोना के दौरान स्पोर्ट्स ग्राउंड और पार्किंग एरिया में बनाई गई सात अस्थायी इमारतों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इनमें से कई अब तक अधूरी पड़ी हैं। GTB अस्पताल में बनाई गई इमारत का अब तक केवल 60% काम ही पूरा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि "अगर इन इमारतों पर 2500 करोड़ भी खर्च कर दिए जाएं, तब भी इनका कोई उपयोग नहीं होगा!" देश की अन्य रोचक खबरें जानने के लिए यहां क्लिक करें।
CM गुप्ता ने छापेमारी के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों से भी मुलाकात की, जिन्होंने बताया कि उन्हें पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत दयनीय है और मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा। उन्होंने आप सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार का स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल पूरी तरह फेल रहा।बता दें कि दिल्ली की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था पर दिल्ली विधानसभा में भी हंगामा हुआ था। जब सीएम रेखा गुप्ता के भाषण के बीच में बाधा डालने पर AAP विधायक जनरल सिंह को बाहर निकाला दिया था। कैग रिपोर्ट को लेकर सदन में खूब नोकझोंक हुई थी।