पुणे: पीडब्ल्यूडी की अनदेखी, कुरुली चौक बना ब्लैक स्पॉट, ग्रामीण नाराज ठोस कदम की मांग तेज

Pune Road Accident: शिरूर तहसील के कुरुली गांव का मुख्य चौक खतरनाक ब्लैक स्पॉट बन गया है। लगातार बढ़ते सड़क हादसों से ग्रामीणों में रोष है और पीडब्ल्यूडी से त्वरित कार्रवाई की मांग हो रही है।
Pune: PWD neglects Kuruli Chowk, black spot; villagers angry, demand for concrete steps intensifies
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Pune Shirur Road Safety Crisis: पुणे शिरूर तहसील के कुरुली गांव का मुख्य चौक वर्तमान में खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' में तब्दील हो चुका है। पिछले कुछ महीनों में इस चौक पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

बार-बार शिकायतों के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अब ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।

कुरुली का मुख्य चौक भौगोलिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से आंधलगांव फाटा-तांदली मार्ग और निर्वी-वडगांव रासाई मार्ग जैसे दो बड़े रास्ते गुजरते हैं। इन मार्गों पर दिन-भर दोपहिया, चारपहिया और भारी औद्योगिक व कृषि वाहनों की निरंतर आवाजाही बनी रहती है।

पैदल चलने वालों व वाहन चालकों के लिए बना जानलेवा

  • भारी यातायात के दबाव और वाहनों की अनियंत्रित गति ने इस चौक को पैदल चलने वालों और वाहन चालकों, दोनों के लिए जानलेवा बना दिया है।
  • इस चौक के आसपास घनी बस्ती है और यहां से स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या अधिक है, साथ ही खेतों में जाने वाले किसानों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। सड़क पर एक भी गतिरोधक न होने के कारण वाहन चालक यहां से गति से निकलते हैं।
  • इससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कई छोटी-बड़ी भिड़ंत हो चुकी हैं और कई बार लोग बाल-बाल बच्चे हैं।
  • नागरिकों ने तीखा सवाल किया है कि क्या प्रशासन किसी बड़े और भीषण हादसे का इंतजार कर रहा है?

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

गांव के पूर्व उपसरपंच रणजित बोरकर, अशोक घोरपडे और अन्य प्रमुख नागरिकों सहित कुरुली ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को इस संदर्भ में कई बार लिखित निवेदन दिया है।

उसके बाद भी प्रशासन की ओर से उनकी मांग के प्रति अनदेखी की गई। ग्रामीणों की मांग केवल गतिरोधक तक सीमित नहीं है, वे चौक पर स्पष्ट सूचना फलक, गति सीमा बोर्ड और सड़क पर रिफ्लेक्टर वाली मार्किंग भी चाहते हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो वे तीव्र आंदोलन का मार्ग अपनाएंगे। कुरुली में गतिरोधक स्थापित करने के निर्देश संबंधित ठेकेदार को दिए गए है। आगामी कुछ दिनों में गतिरोधक स्थापित करने का कार्य पूरा किया जाएगा।

-शिरूर, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कनिष्ठ अभियंता, रणजीत धायगडे

सार्वजनिक निमर्माण विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि धरातल घर स्थिति गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि कागजी कार्रवाई के बजाय तत्काल मौके पर सुरक्षा उपाय किए जाएं।

-कुरुली, पूर्व उपसरपंच, रणजीत बोरकर

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