

Delhi Blast Case: दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कोटली में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की एक अहम बैठक हुई। इस मीटिंग में लश्कर के शीर्ष कमांडर अब्दुल रऊफ और रिज़वान हनीफ शामिल थे। रिज़वान हनीफ लश्कर के PoK यूनिट का डिप्टी अमीर (उप प्रमुख) है और लश्कर व जैश-ए-मोहम्मद के बीच मुख्य कड़ी के रूप में काम करता है।
रिज़वान हनीफ हिलाल-उल-हक़ ब्रिगेड नाम की एक कॉम्बैट यूनिट की कमान संभालता है, जो लश्कर और जैश की संयुक्त टीम है। यह संगठन PAFF (पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट) के नाम से सक्रिय है और कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मीटिंग में आतंकियों का फूलों से स्वागत किया गया। इसे दिल्ली ब्लास्ट के बाद एक रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। रिज़वान हनीफ का नाम कई बड़े आतंकी मामलों में सामने आ चुका है। वह जैश और लश्कर के बीच समन्वय स्थापित कर आतंकी हमलों की योजना बनाता है।
पता चला है कि हबीब ताहिर, जो पहलगाम हमले में शामिल था, रिज़वान हनीफ से जुड़ा हुआ था। इससे साफ है कि हनीफ और उसकी ब्रिगेड आतंकियों की ट्रेनिंग और हमलों की रणनीति में अहम भूमिका निभा रही है।
PoK में इस तरह की बैठकों का मकसद भारत के खिलाफ नई साजिशों को तैयार करना और आतंकी नेटवर्क को और मजबूत करना है। यह मीटिंग इस बात का सबूत है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन अब भी सक्रिय हैं और भारत में हमलों की योजना बना रहे हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इन गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी है।