सरकार ने माना दिल्ली धमाका आतंकी घटना, पाकिस्तान बॉर्डर पर अलर्ट, शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर 2.0?

Delhi Blast Update: सरकार ने आधिकारिक रूप से दिल्ली धमाके को आतंकी हमला घोषित किया है। हमले के पीछे सीमापार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की आशंका है।
सरकार ने माना दिल्ली धमाका आतंकी घटना, पाकिस्तान बॉर्डर पर अलर्ट, शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर 2.0?
दिल्ली धमाका (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Delhi Blast News: भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से दिल्ली धमाके को आतंकी हमला घोषित किया है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा तंत्र को देशभर में अलर्ट पर रखा गया है, खासकर पाकिस्तान सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के पीछे सीमापार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की आशंका है। इसी बीच, रक्षा मंत्रालय ने “ऑपरेशन सिंदूर 2.0” शुरू करने के संकेत दिए हैं, जिसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकना बताया जा रहा है। राजधानी समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

घायलों से मिले पीएम मोदी

पीएम मोदी भूटान से लौटने के बाद एलएनजेपी अस्पताल जाकर घायलों से मिले थे और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। अब सीसीएस की बैठक से यह संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार इस आतंकी हमले की तह तक जाने और साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है। सुरक्षा एजेंसियों को इस हमले में जांच तेज करने का आदेश दिया है।

पाकिस्तान सीमा पर हाई अलर्ट 

दिल्ली धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर में सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और उससे लगे क्षेत्रों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। बीएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार देर शाम जम्मू संभाग के पुलिस महानिरीक्षक भीमसेन टूटी कठुआ के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई सीमा पुलिस चौकियों का निरीक्षण किया और सुरक्षा बलों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सीमा पार घुसपैठ की संभावनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के लिए पूरी तरह चौकन्नी हैं।

शुरू होगा ऑपरेशन सिंदूर?

यदि जांच में लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता साबित होती है, तो भारत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि देश में किसी भी आतंकी हमले को अब ‘युद्ध की कार्रवाई’  के रूप में देखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश और लश्कर के कई प्रशिक्षण शिविर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिए गए थे, जो भारत की सीमा से करीब 350 किलोमीटर दूर है। हाल ही में वायुसेना प्रमुख ने भी कहा था कि “कोई भी आतंकी कैंप हमारी पहुंच से बाहर नहीं है।”

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