Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

न्याय में देरी न्याय से इनकार है, भारत में मानवाधिकारों पर संकट; पूर्व न्यायाधीश की बड़ी चिंता

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बी एन श्रीकृष्ण ने रविवार को कहा कि देश में मानवाधिकार का मामला मुश्किल दौर से गुजर रहा है। टिप्पणी लोकतांत्रिक अधिकार और धर्मनिरपेक्षता संरक्षण समिति के सम्मेलन में की गई।

  • By सौरभ शर्मा
Updated On: Mar 30, 2025 | 09:51 PM

सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रीकृष्णा व अधिवक्ता प्रशांत भूषण (सोर्स -सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

नई दिल्ली: देश में मानवाधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी.एन. श्रीकृष्ण ने चिंता जताते हुए कहा कि भारत में न्याय व्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, क्योंकि अदालतों में पांच करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं। उन्होंने न्याय में देरी को अन्याय करार देते हुए कहा कि असहमति और विरोध लोकतंत्र की आत्मा हैं, लेकिन इन अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है। न्यायमूर्ति ए.के. पटनायक ने भी हिरासत में मौत, फर्जी मुठभेड़ों और जेलों में होने वाली यातनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की।

न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण ने देश में मानवाधिकारों और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के उल्लंघन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, न्याय में देरी न्याय से इनकार है। असहमति और विरोध की आवाज उठाने का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए, कानून का शासन कायम रहना चाहिए और धर्मनिरपेक्षता का अर्थ अन्य धार्मिक विश्वासों को भी सहन करने की क्षमता होना चाहिए। लेकिन भारत में अब ये सभी प्रमुख मूल्य खतरे में हैं।

लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर खतरा

न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण ने कहा कि भारत में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और धर्मनिरपेक्षता का मतलब अन्य धार्मिक विश्वासों को सहन करना है। लेकिन बीते वर्षों में ये मूल सिद्धांत खतरे में आ गए हैं। उन्होंने न्यायिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी बढ़ते खतरे का जिक्र किया।

सम्बंधित ख़बरें

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में लगी सेंध, कौन है ये संदिग्ध?

तुर्कमान गेट पर आधी रात गरजे 17 बुलडोजर, फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण ध्वस्त, भारी पथराव

‘गरीबी नहीं, गरीबों को हटा रही रेखा सरकार’, बिना आदेश घर तोड़ने पर AAP ने BJP को घेरा

‘इंसानों से ज्यादा कुत्तों की फिक्र?’ सुप्रीम कोर्ट हैरान, कहा- इतनी अर्जियां तो आदमी के लिए भी नहीं

अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जताई नाराजगी

प्रशांत भूषण ने कहा कि भारत में मौलिक अधिकारों का बड़े पैमाने पर हनन हो रहा है। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और कठोर कानूनों के जरिए दमन बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

देश की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

संयुक्त राष्ट्र मानव स्वतंत्रता सूचकांक 2023 में भारत 165 देशों में 109वें स्थान पर है और 2015 से 2023 के बीच इसके स्कोर में नौ प्रतिशत की गिरावट आई है। 2021 में देश में 31,677 बलात्कार मामले दर्ज हुए, जबकि 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या 4.45 लाख रही। हिरासत में हिंसा की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिसमें पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत में सैकड़ों मौतें हो रही हैं।

( ऐजेंसी इनपुट के साथ )

Delay justice means denied retired judge sri krishna statement

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 30, 2025 | 09:51 PM

Topics:  

  • Civil Judge
  • Legal News
  • New Delhi News
  • Retired

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.