दिल्ली स्कॉर्पियो हादसे की तस्वीरें, फोटो- सोशल मीडिया
Delhi Dwarka Accident: दिल्ली के द्वारका में ‘रील’ और स्टंट के चक्कर में अपनी जान गंवाने वाले 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा के मामले में नया मोड़ आया है। आरोपी नाबालिग के पिता ने अपने बेटे की हरकत पर गहरा दुख और शर्मिंदगी जताई है, साथ ही हादसे के समय अपनी गैर-मौजूदगी को इसकी वजह बताया है।
“मुझे बहुत शर्म आ रही है, मैं माफी चाहता हूं” दिल्ली के द्वारका में 23 वर्षीय बाइक सवार साहिल धनेश्रा की मौत के मामले में आरोपी नाबालिग के पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा, “यह बहुत बड़ी गलती थी, मैं बहुत-बहुत माफी चाहता हूं।” उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार इस घटना से सदमे में है और अपने बेटे की इस हरकत से बेहद शर्मिंदा है। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें समाज का सामना करने में शर्म महसूस हो रही है और वे मृतक की मां का दर्द समझते हैं।
पिता ने खुलासा किया कि जब यह भयानक हादसा हुआ, तब वे काम के सिलसिले में गोरखपुर में थे। उन्होंने बताया, “अगर मैं दिल्ली में होता, तो शायद यह घटना नहीं होती। बेटे ने नादानी में कार की चाबी ले ली होगी।” उनके अनुसार, घर में आमतौर पर वे काफी सख्त माहौल रखते हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति और मां की मौजूदगी के दौरान नाबालिग ने कार की चाबी उठा ली और बाहर निकल गया। हालांकि, पिता ने यह भी दावा किया कि उनका बेटा मौके से भागा नहीं था और उसने घायलों की मदद करने की कोशिश की थी।
इस हादसे की शिकार हुई साहिल की मां, इन्ना माकन, जो एक सिंगल मदर हैं, उन्होंने इस मामले में दिल्ली पुलिस और प्रशासन के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया एक ‘क्रिमिनल एक्ट’ था। इन्ना माकन का दावा है कि 3 फरवरी को आरोपी अपनी बहन के साथ ‘स्पीड फन रील’ बनाने के लिए निकला था। रील के फुटेज में स्कॉर्पियो की अत्यधिक रफ्तार साफ दिखाई दे रही है। मां का आरोप है कि नाबालिग गलत लेन में एक बस के सामने स्टंट कर रहा था, जिस दौरान उसने साहिल की बाइक को आमने-सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में शामिल स्कॉर्पियो पर पहले से ही ओवर-स्पीडिंग के कई चालान लंबित होने की बात सामने आई है। इस पर सफाई देते हुए पिता ने कहा कि उनका कमर्शियल बिजनेस है और गाड़ियां आमतौर पर ड्राइवर ही चलाते हैं, इसलिए उन्हें पुराने चालानों की जानकारी नहीं थी। वहीं, आरोपी के भाई ने भी स्वीकार किया है कि गाड़ी की रफ्तार तेज थी और बिना लाइसेंस के ड्राइविंग की जिम्मेदारी उनकी है, हालांकि उन्होंने भी यह दोहराया कि वे लोग मौके से भागे नहीं थे।
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यह भीषण हादसा लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुआ था, जिसमें साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि टक्कर के बाद स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़ी जिस टैक्सी से टकराई, उसके चालक अजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोपी नाबालिग के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जिस कारण उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया।
वर्तमान में उसे अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए अंतरिम राहत दी गई है। पीड़ित परिवार अब केवल एक ही मांग कर रहा है कि ‘रील’ के नाम पर दूसरों की जान लेने वाले इस खौफनाक ट्रेंड पर सख्त लगाम लगे।