AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
AI Summit Delhi 2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के समापन पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली। शटल और कैब सेवाएं ठप होने के कारण विदेशी डेलीगेट्स और स्टार्टअप फाउंडर्स को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
India AI Impact Summit 2026: भारत को एआई का ‘विश्वगुरु’ बनाने के दावों के बीच दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ अपनी अव्यवस्थाओं के कारण विवादों में घिर गया है। सम्मेलन के तीसरे दिन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सैकड़ों हाई-प्रोफाइल डेलीगेट्स और विदेशी मेहमान सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर नजर आ रहे हैं।
नई दिल्ली के दिल में तकनीक और भविष्य के सपनों के साथ आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का अंत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जहाँ समापन तालियों की गड़गड़ाहट के साथ होना चाहिए था, वहां का दृश्य किसी थके हुए जुलूस जैसा था। कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने के बाद सैकड़ों प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और रिसर्चर्स को आवागमन का कोई साधन नहीं मिला। आलम यह था कि तकनीकी नवाचारों पर चर्चा करने आए ये दिग्गज चिलचिलाती धूप या थकान के बीच सड़कों पर पैदल मार्च करते दिखे।, यह कोई नियोजित फिटनेस वॉक नहीं थी, बल्कि खराब प्रबंधन का नतीजा था, जिसने भारत की वैश्विक छवि पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
‘तभी टैलेंट इंडिया छोड़ रहा है’: वायरल वीडियो में छलका दर्द
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को 8 साल से भारत में रह रहे कनाडाई इन्फ्लुएंसर कालिफ फ्रीन (Caleb Friesen) ने साझा किया है। वीडियो में एक व्यक्ति को बेहद गुस्से में यह कहते सुना जा सकता है, “पूरी सड़क बंद है, हमें उबर, ओला या रैपिडो कुछ भी नहीं मिल रहा है। ये सभी व्हाइट-कॉलर लोग हैं जो 30% टैक्स देते हैं, लेकिन इन्हें 1 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है ताकि किसी एक्टिव रोड तक पहुँच सकें।” उस व्यक्ति ने आगे एक कड़वा सवाल किया कि लोग अक्सर पूछते हैं कि भारत का टैलेंट विदेश क्यों जा रहा है, तो शायद यही वह वजह है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे लोगों के समय, ऊर्जा और उनकी योजनाओं की यहाँ कोई कीमत नहीं है।
India AI Impact Summit 2026: भारत को एआई का ‘विश्वगुरु’ बनाने के दावों के बीच दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ अपनी अव्यवस्थाओं के कारण विवादों में घिर गया है। सम्मेलन के तीसरे दिन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सैकड़ों हाई-प्रोफाइल डेलीगेट्स और विदेशी मेहमान सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर नजर आ रहे हैं।
नई दिल्ली के दिल में तकनीक और भविष्य के सपनों के साथ आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का अंत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जहाँ समापन तालियों की गड़गड़ाहट के साथ होना चाहिए था, वहां का दृश्य किसी थके हुए जुलूस जैसा था। कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने के बाद सैकड़ों प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और रिसर्चर्स को आवागमन का कोई साधन नहीं मिला। आलम यह था कि तकनीकी नवाचारों पर चर्चा करने आए ये दिग्गज चिलचिलाती धूप या थकान के बीच सड़कों पर पैदल मार्च करते दिखे।, यह कोई नियोजित फिटनेस वॉक नहीं थी, बल्कि खराब प्रबंधन का नतीजा था, जिसने भारत की वैश्विक छवि पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
‘तभी टैलेंट इंडिया छोड़ रहा है’: वायरल वीडियो में छलका दर्द
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को 8 साल से भारत में रह रहे कनाडाई इन्फ्लुएंसर कालिफ फ्रीन (Caleb Friesen) ने साझा किया है। वीडियो में एक व्यक्ति को बेहद गुस्से में यह कहते सुना जा सकता है, “पूरी सड़क बंद है, हमें उबर, ओला या रैपिडो कुछ भी नहीं मिल रहा है। ये सभी व्हाइट-कॉलर लोग हैं जो 30% टैक्स देते हैं, लेकिन इन्हें 1 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है ताकि किसी एक्टिव रोड तक पहुँच सकें।” उस व्यक्ति ने आगे एक कड़वा सवाल किया कि लोग अक्सर पूछते हैं कि भारत का टैलेंट विदेश क्यों जा रहा है, तो शायद यही वह वजह है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे लोगों के समय, ऊर्जा और उनकी योजनाओं की यहाँ कोई कीमत नहीं है।
