Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

डे स्पेशल: आज ही के दिन हुई थी उस गीत की रचना जिसने हिला दी थी अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें, जानिए स्वर्णिम इतिहास

7 नवंबर पहली ऐसी तारीख है जो किसी नेता, अभिनेता, क्रांतिकारी और वैज्ञानिक की जन्मदिन, जयंती या पुण्यतिथि के अलावा किसी और वजह से इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में रजत रोशनाई से लिखी गई है।

  • Written By: अभिषेक सिंह
Updated On: Nov 07, 2024 | 12:18 AM

वंदे मातरम के रचयिता बंकिमचंद्र चंटर्जी (सोर्स-सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डेस्क: आज की तारीख यानी गुरुवार 7 नवंबर भारत के इतिहास में अमर है। यह पहली ऐसी तारीख है जो किसी नेता, अभिनेता, क्रांतिकारी और वैज्ञानिक की जन्मदिन, जयंती या पुण्यतिथि के अलावा किसी और वजह से इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में रजत रोशनाई से लिखी गई है।

7 नवंबर की तारीख को नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमन की जयंती होती है तो वहीं इस तारीख को भारत के राष्ट्रगीत की वजह से भी जाना जाता है। आज ही के दिन साल 1876 में प्रसिद्ध भारतीय उपन्यासकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम की रचना की थी। पहली बार इस गीत को उसी दिन बंगाल के कांताल पाडा गांव में गाया गया था।

अंग्रेजों के लिए क्रांति का स्वर

साधारण शब्दों में कहें तो आज हम भारतीय राष्ट्रीय गीत की 148वीं जयंती मना रहे हैं। वहीं, वंदे मातरम को पहली बार 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। यानी भारत को आज़ादी मिलने से करीब 51 साल पहले। इस गीत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसने लोगों को आज़ादी की लड़ाई के लिए प्रेरित किया। यह अंग्रेजों के खिलाफ़ विरोध की आवाज़ थी।

सम्बंधित ख़बरें

24 January History: ‘जन गण मन’ को देश के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया

नवभारत विशेष: भारत की जन चेतना का उद्घोष ‘वंदे मातरम’, जानें कैसे बना राष्ट्र की आत्मा का गीत

महाराष्ट्र का एक ऐसा गांव, जहां रोज सुबह लोग गाते हैं राष्ट्रगान, इसके बाद ही खुलती हैं दुकानें

यह भी पढ़ें:- जन्मदिन विशेष: IAS अफसर से सियासत में पहुंचने वाला वो दिग्गज नेता जिसने ‘अटल’ के साथ की कदमताल अब उन्हीं के नाम से बनाई पार्टी

यह गीत 1882 में बंकिम चन्द्र प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंद मठ’ का भी हिस्सा बना। मूलरूप से ‘वंदे मातरम’ के प्रारंभिक दो पद संस्कृत में थे, जबकि शेष गीत बांग्ला भाषा में है। अरविंद घोष ने इसका पहला इंग्लिश ट्रांसलेशन भी किया है। दिसम्बर 1905 में कांग्रेस कार्यकारिणी की मीटिंग में राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान किया गया। वहीं बंग भंग आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय नारा भी बना।

1923 में पहली बार गूंजे विरोधी स्वर

साल 1923 के कांग्रेस अधिवेशन में इस गीत के विरोध में भी स्वर गूंजे। जिसके बाद जवाहलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अब्दुल कलाम अजाद और आचार्य नरेन्द्र देव की समिति ने 28 अक्टूबर 1937 को कलकत्ता अधिवेशन में अपनी रिपोर्ट पेश की। जिसके बाद राष्ट्रगीत के गायन की अनिवार्यता को खत्म कर दिय गया। वहीं यह भी कहा गया कि इस गीत के शुरुआती दो पद ही प्रासंगिक हैं।

दुनिया का दूसरा लोकप्रिय गीत

कांग्रेस के इस अधिवेशन के बाद से यह उसी स्वरूप में गाया जा रहा है। वहीं, आजादी के बाद 1950 में ‘वंदे मातरम’ को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय गीत और ‘जन गण मन’ को राष्ट्रीय गान घोषित कर दिया गया। बीबीसी के एक सर्वे के मुताबिक वंदे मातरम दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय गीत है। राष्ट्रगीत की पंक्तियां आप यहां भी गुनगुना सकते हैं;-

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥
सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्!

शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥

कोटि कोटि कण्ठ कल कल निनाद कराले
द्विसप्त कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले
के बोले मा तुमी अबले
बहुबल धारिणीम् नमामि तारिणीम्
रिपुदलवारिणीम् मातरम्॥

तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि ह्रदि तुमि मर्म
त्वं हि प्राणाः शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारै प्रतिमा गडि मन्दिरे-मन्दिरे॥

त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदल विहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्
नमामि कमलां अमलां अतुलाम्
सुजलां सुफलां मातरम्॥

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम्
धरणीं भरणीं मातरम्॥

यह भी पढ़ें:- जयंती विशेष: वह महान हस्ती जिसने मुफ्त में लड़े क्रांतिकारियों के केस, गांधी के साथ ‘असहयोग’ में किया सहयोग

Day special on this day song was composed which shook roots of british rule

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Nov 07, 2024 | 12:18 AM

Topics:  

  • National Song

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.