चीन-पाकिस्तान की खैर नहीं! नए CDS और सेना प्रमुखों की मौजूदगी में होने जा रही है सबसे बड़ी डिफेंस डील
Defence Acquisition Council India: रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आज डीएसी के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। डीएसी की बैठक में कई महत्वपूर्ण रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है।
- Written By: प्रिया जैस
डिफेंस सिस्टम (सौजन्य-IANS)
Indian Defence Procurement: रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आज (3, जुलाई) को डीएसी के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की आने वाली बैठक में कई बड़े डिफेंस प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इस बैठक में नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), आर्मी चीफ और नेवी चीफ शामिल होंगे।
इन प्रस्तावों में राफेल और LCA तेजस विमानों के लिए सटीक निशाना लगाने वाली एयर-टू-ग्राउंड हैमर मिसाइलें, बहुत कम दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम ‘इगला-एस’ (वर्बा), फिक्स्ड-विंग स्यूडो-सैटेलाइट और नौसेना के जहाजों पर तैनात किए जाने वाले एरियल सिस्टम शामिल हैं।
DAC की यह बैठक कई महीनों के अंतराल के बाद हो रही है। यह पहली बार होगा जब CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ और नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन इसकी कार्यवाही में हिस्सा लेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाला वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पद, जानें कैसा है उनका सैन्य सफर
समुद्र से आसमान तक कांपेंगे दुश्मन! ‘मन की बात’ में PM मोदी ने गिनाई देश की उपलब्धियां, कही ये बड़ी बात
भारत-UAE रक्षा साझेदारी: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और यूएई डिप्टी कमांडर ने सैन्य संबंधों पर की चर्चा
AMCA प्रोजेक्ट पर संकट के बादल! जानिए क्यों मुश्किल में पड़ सकता है भारत का ड्रीम फाइटर जेट
क्या स्वदेशी मिसाइल सिस्टम को मंजूरी मिलेगी?
डिफेंस सूत्रों ने संकेत दिया है कि गुरुवार की बैठक में मंजूरी के लिए एक अहम स्वदेशी सिस्टम पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने भारतीय सेना के लिए ‘मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल’ (MP-ATGM) विकसित की है, जिसे एक अकेला सैनिक आसानी से ले जा सकता है। इस मिसाइल को बड़ी संख्या में सेना में शामिल करने का प्रस्ताव है।
इसकी लागत क्या होगी?
इस प्रस्ताव के तहत, भारतीय सशस्त्र बलों को इस हथियार प्रणाली के लिए 100 लॉन्चर, 2,300 मिसाइलें और पांच सिम्युलेटर मिलेंगे। भारत डायनामिक्स लिमिटेड इस प्रणाली का निर्माण करेगा, जिसे देश में ही डिजाइन, विकसित और बनाया गया है। रक्षा मंत्रालय इस हथियार प्रणाली के लिए निजी क्षेत्र में नए उत्पादन भागीदारों की भी तलाश करेगा। इस परियोजना की लागत ₹2,600 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें – 83 नए ‘आकाशतीर’ एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद शुरू; दुश्मन ड्रोन का काल बनेगा ‘आकाशतीर’, जानें इसकी खूबियां
हैमर मिसाइल क्यों महत्वपूर्ण है?
भारतीय वायु सेना और नौसेना की दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए, रक्षा मंत्रालय भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 600 हैमर मिसाइलों की खरीद के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा। 2020 में चीन के साथ गलवान गतिरोध के बाद आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत हैमर हथियारों को पहली बार भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था। फ्रांसीसी कंपनी साफरान एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ साझेदारी में इन हथियारों का निर्माण करेगी।
इनका इस्तेमाल कौन से एयरक्राफ्ट करेंगे?
इन हथियारों का एक बड़ा हिस्सा भारतीय वायु सेना को दिया जाएगा, जो इन्हें अपने राफेल और LCA तेजस फाइटर जेट्स में लगाएगी। वहीं, भारतीय नौसेना इन्हें अपने राफेल मरीन एयरक्राफ्ट पर तैनात करेगी। इस डील की अनुमानित कीमत लगभग ₹2,400 करोड़ है।
