शुरू हो गया मोन्था तूफान का लैंडफॉल, आंध्र तट पर तबाही; 32 फ्लाइटें कैंसिल, कई राज्यों में रेड अलर्ट
Cyclone Montha: चक्रवाती तूफान 'मोन्था' ने मंगलवार रात काकीनाडा के पास लैंडफॉल किया। इस दौरान 110 किमी/घंटा तक की हवाएं चलीं। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
चक्रवात 'मोन्था' का लैंडफॉल शुरू, फोटो- सोशल मीडिया
Cyclone Montha Latest Update: गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का लैंडफॉल आंध्र प्रदेश के तट पर शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया अगले 3 से 4 घंटे तक चलेगी। तूफान के कारण कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे जान-माल की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का लैंडफॉल मंगलवार रात को काकीनाडा के पास हुआ है। लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह अगले 3-4 घंटे तक जारी रहेगी। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90-100 किमी/घंटा रही, जो 110 किमी/घंटा तक झोंके मार सकती है।
अभी तक की जानकारी के अनुसार, चक्रवात मोन्था ने काकीनाडा के पास दस्तक दी, जिससे इलाके में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए और बिजली गुल हो गई। तटीय इलाकों में कई संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। चक्रवात मंगलवार दोपहर 4:30 बजे बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में केंद्रित था और यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था।
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आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट और बचाव कार्य
चक्रवाती तूफान मोन्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की है। सीएम नायडू ने अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा और क्षति को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
• यातायात पर रोक: आंध्र प्रदेश सरकार ने तट से टकराने से पहले सात तटीय जिलों में वाहनों की आवाजाही 28 अक्टूबर की रात 8:30 बजे से 29 अक्टूबर की सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह रोक दी है।
• राहत केंद्र: काकीनाडा सांसद उदय श्रीनिवास तांगेल्ला के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 800 से ज्यादा राहत केंद्र बनाए गए हैं।
• कई टीमें तैनात: काकीनाडा जिले में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। आपात स्थिति के लिए 1,000 बिजली मिस्त्री और 140 तैराक नावों के साथ तैयार हैं।
• तट खाली कराए गए: चक्रवात के मद्देनजर अधिकारियों ने कोठापट्टनम गांव और पुरी के समुद्री तटों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओडिशा सरकार ने आठ दक्षिणी जिलों में संवेदनशील स्थानों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है, जहां ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
• क्षति: तेज हवाओं और उफान के कारण काकीनाडा और उप्पदा के बीच रोड का लगभग 8 किलोमीटर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसे बंद कर दिया गया है। पोडाम्पेटा गांव में समुद्र की ऊंची लहरों के कारण कई संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।
#WATCH | Ganjam, Odisha | Rough sea erodes shoreline and causes damage to properties located near the shore in the Podampeta village, due to the impact of Cyclone Montha. pic.twitter.com/K3LDp7HH6N — ANI (@ANI) October 28, 2025
अन्य राज्यों पर प्रभाव और उड़ानें रद्द
मोन्था तूफान का असर आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और राजस्थान तक देखा जा रहा है।
• उड़ानों पर असर: चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ के कारण 32 फ्लाइटें कैंसिल हुई हैं।
• बारिश की चेतावनी: आईएमडी ने कहा है कि गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ के कारण 31 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होगी।
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• राजस्थान में बारिश: बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान मोन्था के असर से राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई है।
• तमिलनाडु और केरल: तमिलनाडु के थूथुकुडी समेत कई जिलों में गरज और बिजली के साथ बारिश हो रही है। केरल के कई जिलों में भी तेज हवाएं और भारी बारिश हुई, जिससे अलप्पुझा जिले में एक नाविक की मौत हो गई। मौसम विभाग ने मछुआरों को गुरुवार तक पश्चिम बंगाल तट के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
